डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा
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उत्तर प्रदेश के आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मथुरा के शिक्षक के प्रमाणपत्रों के फर्जी सत्यापन का मामला पकड़ा है। मथुरा के बीएसए की ओर से शिक्षक का रिकॉर्ड विश्वविद्यालय में सत्यापन के लिए भेजा था। किसी ने विश्वविद्यालय के सत्यापन प्रमाणपत्र का प्रारूप तैयार कर उस पर फर्जी हस्ताक्षर व सीरियल नंबर डालकर रिपोर्ट भेज दी। गोपनीय जानकारी मिलने पर कुलपति ने मामले की जांच कराई। शिक्षक का विश्वविद्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
शिक्षक के प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई
बीएसए मथुरा की ओर से वहां तैनात शिक्षक देवेंद्र सिंह तोमर के बीएससी के प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराने के लिए विश्वविद्यालय में पत्र भेजा गया। इसके बाद बीएसए कार्यालय सत्यापन रिपोर्ट पहुंची तो पर फर्जी। इसकी जानकारी कुलपति प्रो. आशु रानी को हुई। उन्होंने सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक के प्रमाणपत्रों की जांच कराई। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि शिक्षक का विश्वविद्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जो सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें फर्जी हस्ताक्षर और सीरियल नंबर दर्ज था। बीएसए को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत भी करा दिया गया।
विवि के स्टाफ की भी मिलीभगत, जांच समिति बनाई
इस फर्जीवाड़े में विश्वविद्यालय के सत्यापन विभाग का स्टाफ भी जांच के घेरे में है। किसकी मदद से फर्जी सत्यापन रिपोर्ट तैयार हुआ। शिक्षक के सत्यापन के लिए पत्र सत्यापन विभाग में पहुंचा था। इसके बाद ही फर्जी सत्यापन रिपोर्ट तैयार करके बीएसए कार्यालय भेजी गई। प्रो. आशु रानी ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। इसमें प्रो. यूसी शर्मा, प्रो. रनवीर सिंह और उपकुलसचिव ममता सिंह को रखा गया है।
शिकायत पर चार्ट रूप के अधीक्षक सहित दो को हटाया
मथुरा के शिक्षक का फर्जी सत्यापन रिपोर्ट जारी होने और मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायतें प्राप्त होने के बाद सत्यापन विभाग के अधीक्षक सुनील श्रीवास्तव और प्रधान सहायक धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कुलपति के आदेश पर उनका तत्काल दूसरे विभागों में स्थानांतरण कर दिया है। ये लंबे समय से सत्यापन विभाग में तैनात थे। धर्मेंद्र कुमार को आईबीएस के रसायन विज्ञान विभाग व सुनील श्रीवास्तव का स्कूल ऑफ लाइफ साइंस में स्थानांतरण किया गया है। कुलपति का कहना है कि सत्यापन विभाग का पूरा स्टाफ बदला जाएगा।