एटा में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले में बृहस्पतिवार को प्रशासनिक टीम ने जैथरा में छापे मारे। डाकघर, बीआरसी के साथ ही जन सेवा केंद्रों पर अभिलेखों की पड़ताल की। डाकघर स्थित आधार पंजीकरण केंद्र पर तीन घंटे तक रिकॉर्ड खंगाले, जबकि बीआरसी स्थित आधार पंजीकरण केंद्र पर ताला लटका मिला।
एसडीएम अलीगंज प्रतीत त्रिपाठी के निर्देश पर नायब तहसीलदार अलीगंज अरविंद कुमार एवं नायब तहसीलदार जैथरा सतीश चंद्र टीम के साथ जैथरा पहुंचे। सबसे पहले ब्लाॅक संसाधन केंद्र स्थित आधार पंजीकरण केंद्र को देखा। जहां ताला लगा हुआ था। मौजूद लोगों ने बताया कि ऑपरेटर बीमार है। टीम ने ऑपरेटर को मोबाइल पर कॉल किया, जिसका नंबर स्विच ऑफ था।
इसके बाद टीम डाकघर स्थित आधार पंजीकरण केंद्र पहुंची। टीम को देखते ही वहां हड़कंप मच गया। कुर्सी पर बैठा प्राइवेट ऑपरेटर वहां से भाग गया। टीम ने जनवरी से अब तक पंजीकृत हुए आधार अभिलेखों की पत्रावली मांगी, लेकिन विभाग ने टीम को सिर्फ रजिस्टर मुहैया कराया। आधार अभिलेखों को यह कहते हुए देने से मना कर दिया कि साक्ष्य आवेदक को वापस कर दिए जाते हैं।
इसके बाद टीम ने एटा-अलीगंज मार्ग स्थित कई जनसेवा केंद्रों पर छापे मार जांच-पड़ताल की। बताते चलें कि सोशल मीडिया पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र वायरल होने के बाद एसडीएम ने जांच टीम को गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
पोस्टऑफिस, बीआरसी पर ही बनते हैं आधार कार्ड
नगर में आधार कार्ड पंजीकरण सिर्फ बीआरसी एवं पोस्ट ऑफिस स्थित केंद्रों पर ही होते हैं। आधार कार्ड पंजीकरण में प्रूफ के रूप में जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग होता है। जिसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने की आशंका है। इन केंद्रों के ऑपरेटरों की मुख्य भूमिका संदिग्ध रहती है। इसलिए ऑपरेटरों द्वारा जांच टीम का सहयोग नहीं किया जा रहा है।