सोरोंजी। कड़ाके की ठंड के बाद भी तीर्थनगरी के पौराणिक मेला मार्गशीर्ष में रौनक बरकरार है। बदले परवेश के बाद भी परंपरागत चीजों की मांग बनी है। तीर्थनगरी के इस मेले में अनाज भंडारण के लिए लोग टिन की कुठिया की खरीदारी करते नजर आए। वहीं लोहे के बक्से भी ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों की पहली पसंद रहे।
मेले में टिन से बने बक्से, कुठिया संदूक, गुल्लक, ड्रम, कुठिया आदि की दुकानें सजी हैं, इन सामानों की तेजी से बिक्री भी हो रही। बक्से 800 रुपये की कीमत से लेकर साइज के अनुसार 3 हजार रुपये तक के दुकानों पर उपलब्ध हैं। इसी तरह से कुठिया भी 800 रुपये से लेकर 4500 रुपये कीमत तक की उपलब्ध है। एटा के मारहरा क्षेत्र के कारोबारी राजवीर ने बताया कि मेले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से आने वाले लोग बक्से व कुटिया की खरीदारी कर रहे हैं। चूंकि मेला समाप्ति की ओर है। ऐसी स्थिति में लोगों को रियायत भी दी जा रही है। ताकि दुकान में मौजूद माल की बिक्री हो सके। बदायूं जिले के कारोबारी महताब ने बताया कि बक्से, आटा रखने के ड्रम की अधिक डिमांड है। कम कीमत का सामान आसानी से बिक जा रहा है।
कड़ाके की ठंड के बावजूद मनोरंजन के लिए लोग पहुंच रहे मेले में
कासगंज। मेले के समापन का समय नजदीक आने के कारण लगातार लोग मेले में मनोरंजन करने और जरूरत के सामान की खरीदारी को पहुंच रहे हैं। क्योंकि मेले में काठ, लोहा, पत्थर, आदि का सामान मिलता है। जो आम दिनों में नहीं मिल पाता। लोग खरीदारी भी कर रहे हैं वहीं मेले में लगे झूला और मनारंजक शो का आनंद भी ले रहे हैं।