एटा। शहर निवासी युवती से ग्राम विकास अधिकारी बनवाने के नाम पर तीन लाख से अधिक की ठगी की गई। नौकरी नहीं लगी तो रकम मांगने पर लौटाने से इनकार कर दिया और गालीगलौज कर धमकी भी दी गई। कोतवाली नगर क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी निवासी बहोरन सिंह ने अदालत के आदेश पर रिपोर्ट लिखाई है। आरोप है कि नवनीत चौहान निवासी सैंथरी थाना मलावन और निखिल तिवारी निवासी जज कंपाउंड नेहरू नगर, आगरा सात अक्तूबर 2018 को घर आए।
इन लोगों ने उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ में अपनी अच्छी जान-पहचान बताई। किसी भी व्यक्ति का चयन ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कराने का आश्वासन दिया। एक सदस्य की नौकरी लगवाने के नाम साढ़े तीन लाख रुपये की मांग रखी।
आरोप है कि 18 दिसंबर 2018 को 50 हजार और 28 दिसंबर को तीन लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए। इसके बाद पुत्रवधू आरती यादव का आवेदन करा दिया। 22 दिसंबर 2018 को परीक्षा हुई लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। इस पर दोनों से रकम मांगी तो 43 हजार 500 रुपये खाते में छह बार में डाले। बाकी रकम देने के लिए बाद दो वर्ष का समय लिया।
पांच मार्च 2023 को शेष रकम तीन लाख छह हजार 500 रुपये देने से स्पष्ट इनकार कर दिया और गालीगलौज कर धमकी भी गई। कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ठगने की बात कही जा रही है। अदालत के आदेश पर मुकदमा लिखा गया है।