कासगंज। गंगा कटान को रोकने के लिए जिले में चार स्थानों पर तटबंध बनाए जाने हैं। सिंचाई विभाग के प्रस्तावों को शासन की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी तक बजट आवंटित नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में तटबंधों के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा। प्रभावित इलाके के ग्रामीण तटबंधों के निर्माण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।जून माह से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने लगती है। गंगा के जलस्तर में वृद्धि के साथ की कटान का खतरा बनने लगता है। गंगाकटान के लिए सबसे संवेदनशील गांव बरौना है। जबकि सहवाजपुर, मेहोला, कादरगंज बाढ़ के लिए संवेदनशील है। इन चारों स्थानों पर 12 करोड़ रुपये की लागत से तटबंध बनाए जाने हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त माह में यहां कटान की आपदा का दौरा किया और तटबंध बनाने के प्रस्ताव देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजने। प्रस्तावों की गहन समीक्षा के बाद प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी गई। यह स्वीकृति नवंबर माह में मिल गई, लेकिन अभी तक धन अवमुक्त नहीं हुआ है। सिंचाई विभाग को धन अवमुक्त होने का इंतजार है। धन अवमुक्त होने पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।