आगरा। ट्रांस यमुना कालोनी के फेज-2 में इलेक्ट्रिक रॉड से पानी गर्म करने के दौरान वृद्धा को करंट लग गया। सात साल के नाती के शोर मचाने पर पड़ोसी महिला आ गई। बचाने के दौरान उसे भी करंट लग गया। इससे वृद्धा व महिला बेहोश हो गई। बाद में वृद्धा का बेटा भी करंट की चपेट में आ गया। पड़ोसियों ने बिजली सप्लाई बंद करके उन्हें बचाया।
ट्रांस यमुना फेज-2 में रामनरेश अपनी मां सावित्री देवी (75), पत्नी और सात वर्षीय बेेटे उत्सव के साथ किराये के मकान में रहते हैं। रामनरेश और उसकी पत्नी पास के निजी अस्पताल में काम करते हैं। घटना रविवार दोपहर करीब तीन बजे की है। घर पर मां सावित्री व नाती उत्सव थे। परिजन ने बताया कि सावित्री देवी ने स्टील की बाल्टी में पानी गर्म करने के लिए रॉड लगाई और कमरे में ही बैठ गईं। रॉड निकालते समय सावित्री देवी को करंट लग गया। वह जमीन पर गिर पड़ीं। उनकी चीख सुनकर घर के बाहर खेल रहा नाती उत्सव भी पहुंच गया। उसने शोर मचाया तो पड़ोस में रहने वाली नर्स पूनम कमरे में पहुंची। उन्होंने वृद्धा को उठाने का प्रयास किया पर वह भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों बेहोश हो गईं। वहीं, रॉड से निकला धुआं कमरे में भर गया।
इसी दौरान पड़ोसियों की सूचना पर बेटा भी पहुंच गया। उसने भी मां और पूनम को बचाने का प्रयास किया तो उसे भी करंट लग गया। यह देखकर पड़ोसियों ने बिजली का मेन स्विच बंद किया। इसके बाद तीनों को बाहर निकाला। वृद्धा और पूनम को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वृद्धा की स्थिति गंभीर बताई गई है, जबकि पूनम खतरे से बाहर है। जबकि वृद्धा के बेटे को कुछ देर बाद ही होश आ गया था।