पहली बार लड़ा चुनाव, मतदाताओं ने दिया साथ
संसद में आवाज उठाने के लिए भेजे नौ सांसद
पंकज मिश्र
मैनपुरी। मैनपुरी लोकसभा सीट से मतदाताओं की उम्मीद पर खरे उतरे नौ नेता पहली बार में ही चुनाव लड़कर संसद तक पहुंचे। पहली बार में ही उन्होंने जनता का भरपूर विश्वास जीता। छह नेताओं पर तो मतदाताओं ने एक नहीं कई बार भरोसा जताया। जबकि दो नेताओं ने मैनपुरी लोकसभा सीट से दोबारा चुनाव ही नहीं लड़ा।
लोकसभा सीट के मतदाताओं का मिजाज हमेशा एक सा नहीं रहा है। जिस पर दिल आया उस पर भरपूर प्यार लुटाया है। सांसद बनने के लिए पहली बार चुनाव लड़े नेताओं को दिल्ली तक भेजा है। बाहरी नेताओं को पसंद करके स्थानीय नेताओं को ठुकराया है। कांग्रेस का जब परचम लहराता था तो कांग्रेस के नेताओं को संसद भेजा। हवा बदली तो कांग्रेस विरोधी नेताओं को ताज पहना दिया। पहली बार में दिल्ली पहुंचे नेताओं में से दो नेताओं ने दोबारा मैनपुरी लोकसभा सीट पर दावेदारी नहीं की।
आंकड़ों पर नजर डालें तो मतदाताओं ने जिसे पसंद किया उसका भरपूर साथ दिया। राम लहर और मोदी लहर में मतदाताओं ने भाजपा को नकार दिया। स्थानीय के अलावा बाहरी नेताओं को भी पसंद किया। मतदाताओं ने इटावा के रहने वाले नेताओं पर सबसे ज्यादा भरोसा जताकर पहली बार में ही उनके सिर पर सेहरा बांध दिया। 40 साल से बाहरी नेता ही मतदाताओं की पसंद बने हुए हैं। संवाद
इन पर किया ज्यादा भरोसा
लोकसभा क्षेत्र मैनपुरी के मतदाताओं ने दोबारा भी कई सांसदों पर भरोसा किया है। बादशाह गुप्ता पर दो बार, महाराज सिंह यादव पर दो बार, बलराम सिंह यादव पर तीन बार, उदयप्रताप सिंह यादव पर दो बार तथा मुलायम सिंह यादव पर पांच बार विश्वास जताया। मुलायम सिंह यादव को लगातार चार बार जिताकर संसद में भेजा है। मुलायम सिंह यादव तो पहली बार में ही केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री तक बने हैं।
वर्ष सांसद दल
1952 बादशाह गुप्ता कांग्रेस
1957 बंशीदास धनगर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1967 महाराज सिंह यादव कांग्रेस
1977 रघुनाथ सिंह वर्मा जनता पार्टी
1984 बलराम सिंह यादव कांग्रेस
1989 उदयप्रताप यादव जनता दल
1996 मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी
2004 उपचुनाव धर्मेंद्र यादव समाजवादी पार्टी
2014 उपचुनाव तेजप्रताप यादव समाजवादी पार्टी