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Agra News: पहले गौरेया की चीं चीं ही तो जगाती थी

Thu, 20 Mar 2025 12:22 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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कासगंज। गौरेया चिड़िया का नाम लेने पर यदि अभी कोई चहकता है तो घर परिवार के बुजुर्ग ही चहकते हैं। क्योंकि उन्होंने अपने घर आंगन में फुदकती गौरेया को देखा है। उसकी चीं चीं की मधुर आवाज सुनी है। पहले गौरेया की आवाज सुनकर ही घर में लोगों को भोर का एहसास होता था। घर के बुजुर्ग भी यह कहकर घर के बच्चों को उठाते थे कि उठो सवेरा हो गया चिड़ियों की आवाज आ रही है। अहरौली की वृद्धा राजवती बताती हैं कि पहले चिड़ियों की आवाज सुनकर ही सवेरा होने का एहसास होता था। पहले न कोई घड़ी थी, न मोबाइल। उन्होंने बताया कि जब गौरेया चिड़ियों की आवाज आंगन में सुनाई देने लगती थी तब हम उठकर चक्की पर आटा पीसते थे। उन्होंने बताया कि पहले मोहल्ला पड़ोस के हर घर आंगन में ये चिड़ियां फुदकती रहती थीं और चीं चीं की आवाज सुनाती थीं। बच्चे भी चिड़ियों को पकड़ने के लिए दौड़ते थे और चिड़ियां फुर्र से उड़ जाती थी। चिड़ियों को हर घर आंगन में दाना भी डाला जाता था, लेकिन अब घर में आंगन ही नहीं बचे तो गौरेया भी घर अंगना का रास्ता भूल गई।
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