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Agra News: बिजली गिरने से जमीन में फूटा जलस्रोत, मैदान बन गया ताल

Mon, 01 Jul 2024 12:29 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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कासगंज। सदर तहसील क्षेत्र के डोरई गांव में बारिश के दौरान एक किसान के पशुबाड़े के पास बिजली गिरी। बिजली गिर करने के कुछ समय बाद जमीन से जलस्रोत फूट पड़ा। जलस्रोत फूटते ही पहले पशुबाड़े में भरा बारिश का पानी जलस्रोत में जाने लगा। उसके बाद जलस्रोत से लगातार पानी बाहर आने लगा। कुछ देर में ही देर में यह क्षेत्र झील का रूप ले लिया।
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जहां जलस्रोत फूटा था, वहां से निरंतर पानी निकल रहा। गांव के लोग इस प्राकृतिक घटना को देखकर सकते में आ गए। लोगों ने वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर इस घटना को वायरल कर दिया। देखते ही देखते इसको देखने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
बिजली गिरने की घटना विजय के पशुबाड़े के पास हुई। बताया गया कि पहले इस भूमि पर बाग लगा था, लेकिन बाग काटने के बाद इस भूमि का प्रयोग किसान का परिवार पशुबाड़े के रूप में करने लगा। ऐसे में यहां पशु बांधने के साथ फसल उगाने आदि का काम किया जाता है। सुबह करीब 9:30 बजे यह घटना घटी।
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विजय ने बताया कि जिस समय बिजली गिरी उस समय तेज आवाज हुई, लेकिन बिजली उनके पशुबाड़े पर गिरी है। इसका एहसास जमीन पर गड्ढा होते ही हुआ और कुछ देर में जलस्रोत फूट गया। इस घटना को लेकर लोग तरह तहर के कयास लगाने लगे। कोई इसे चमत्कार मान रहा था तो कोई इसके वैज्ञानिक कारणों को खोज रहा था। यह घटनाक्रम कौतूहल का विषय बना रहा और लोग डोरई गांव में जलस्रोत फूटने वाले स्थान की ओर जाते नजर आए।


20 फुट का प्लास्टिक का पाइप चला गया जलस्रोत में
कासगंज। गांव के लोग तरह तरह के कौतूहल को लेकर परेशान थे और उन्होंने जलस्रोत को नापने की कवायद की। ग्रामीण जितेंद्र ने प्लास्टिक का बोरिंग पाइप जलस्रोत में डाला तो 20 फुट का पाइप जलस्रोत में चला गया, लेकिन पूरी गहराई नहीं नप पाई और फिर उसने पाइप बाहर निकाला। ग्रामीणों के मुताबिक काफी चौड़ा गड्ढा बिजली गिरने वाले स्थान पर हो गया है।
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जलस्रोत हो सकता है एक्वीफर
कासगंज। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता संजय शर्मा का मानना है कि भूगर्भ में किसी किसी इलाके में भूमि के नीचे चट्टानों की परत होती है और इस परत के नीचे जल रहता है। बिजली गिरने से यह चट्टान क्षतिग्रस्त हुई होगी। जिससे वहां से पानी का स्रोत फूटा हो। पानी की गति मिट्टी सतह की चट्टानों पर निर्भर करती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में एक्वीफर कहा जाता है।
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क्या बोले प्रधान
- गांव में जब बारिश शुरू हुई उस समय अचानक जमीन पर बिजली गिरी और जमीन से पानी निकलने लगा। जमीन से काफी पानी निकला और पूरा इलाका झील सा बन गया। प्रशासन से भूगर्भीय जांच कराने की मांग की है।- अमित राजपूत, ग्राम प्रधान।
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