मैनपुरी। ग्वालियर-बरेली नेशनल हाईवे-92 के चौड़ीकरण निर्माण की धीमी गति परेशानी का कारण बन चुकी है। लंबे समय से कई स्थानों पर मार्ग खुदा पड़ा हुआ है। निर्माण की गति धीमी होने से राहगीरों सहित वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नेशनल हाईवे-92 ग्वालियर से लिपुलेक उत्तराखंड की ओर जाता है। इस हाईवे की दूरी लगभग 800 किलोमीटर है। हाईवे कई सालों ऊबड़ खाबड़ हो गया था। राष्ट्र्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने इस हाईवे को बनाने के लिए विश्व बैंक ने जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनियों को दे दी। बेवर से इटावा बार्डर तक लगभग 33 किलोमीटर परियोजना का जिम्मा फरीदाबाद की एटलस कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया।
कार्यदायी संस्था ने इस परियोजना का सर्वे कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। सड़क चौड़ीकरण के अलाव दोनों तरफ आरसीसी ढक्कन युक्त नाला बनाने का कार्य शुरू हुआ। सड़क किनारे स्थित दुकानों के आगे ऊंचाई तक नाला निर्माण होने से लोग परेशान हो रहे हैं। कार्यदायी संस्था ने नाला के अलावा नदी, नाला पर बने पुराने पुलों को भी हटाकर नए पुलों का निर्माण शुरू कर दिया है। मार्ग पर काम की धीमी गति से राहगीर सहित वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के रहने वाले उजागर सिंह, मनेहर लाल, सोमनाथ सिंह, तिलक सिंह, महावीर सिंह ने शीघ्र कार्य पूर्ण कराने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री लिख चुके पत्र
ग्वालियर बरेली राजमार्ग पर जल्द काम पूर्ण कराने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष/पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग नितिन गडकरी को पत्र भी लिख चुके हैं। उन्होंने प्रस्तावित कार्य शीघ्र पूर्ण कराने की मांग भी की है। लेकिन कार्यदायी संस्था की धीमी गति के कारण राहगीर और वाहन चालक परेशान हो रहे हैं।