भांवत में भ्रमण करते डॉ. हेरोल्ड गुडबिन।
मैनपुरी। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी के तहत सोमवार को इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म (आईसीआरटी) के संस्थापक डॉ. हेरोल्ड गुडविन मैनपुरी के गांव भांवत पहुंचे। यहां उन्होंने देसी पकवानों का स्वाद चखा। साथ ही शिव मंदिर में पूजा की।
पर्यटन विभाग और आईसीआरटी के बीच एक समझौता हुआ है। इसी के तहत आईसीआरटी के संस्थापक डॉ. गुडविन पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण पर्यटन क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी के तहत वे सोमवार को शाम छह बजे के करीब ग्राम भांवत पहुंचे। यहां फूलमाला और पगड़ी से ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। गांव स्थित रोहित प्रजापति के होम स्टे पर उन्होंने हांडी के दूध का स्वाद लिया। निधि प्लस एनजीओ के प्रतिनिधि विश्राम सिंह प्रजापति के घर पर मूंग की दाल की पकौड़ी, जीरा का रायता, आलू की सब्जी व पूड़ी का स्वाद लिया। भोजन के बाद ग्रामीणों के द्वारा गांव का प्रसिद्ध सिंघाड़ा उन्हें दिया गया।
इसके बाद चाक पर तैयार मिट्टी के बर्तनों को देखा। उनके साथ आईं उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन की विशेषज्ञ मनीषा पांडेय ने गांव की बालिकाओं से हाथों पर मेहंदी लगवाई। भ्रमण के दौरान विदेशी मेहमान ने लकड़ी पर तरकशी के द्वारा तैयार की गयी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को भी देखा।
काफी देर रुकने के बाद वे गांव के पांडव कालीन प्राचीन जखदर महादेव मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर के इतिहास के बारे में मंदिर पर मौजूद पुजारी से अनुवादक के द्वारा जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा शिव मंदिर के दर्शन कर मुझे विशेष अनुभूति की प्राप्ति हुई है। उन्होंने गांव में अशोक का पौधा रोपित करने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए सामान भी देखे। भ्रमण के दौरान बीच-बीच में डॉ. गुडविन अपने डिजिटल कैमरे से पसंदीदा सामान की फोटो करते भी नजर आए। गांव भ्रमण के बाद शाम साढ़े 7 बजे के करीब वे रवाना हो गए।
इस दौरान पर अरुण कुमार, प्रशांत छिकोरिया, पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा, ललित मोहन जोशी, जिला समन्वयक प्रमोद तिवारी, बीडीओ दिनेश चंद्र मिश्रा व ग्रामीण मौजूद रहे।