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Agra: मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन का झाम खत्म, इस एप से झट से बन जाएगा, पढ़े पूरी जानकारी

Wed, 25 Jan 2023 07:56 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

यदि आपको भी आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिखाना है तो अब एक एप के माध्यम से आसानी से पर्चा बनवा सकते हैं। इसके लिए अब आपको लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं है।मेडिकल कॉलेज में इसकी व्यवस्था की गई है। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिखाने के लिए यदि आप पर्चा बनवाने की लाइन में अधिक देर नहीं लगना चाहते तो अपने मोबाइल में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) एप डाउनलोड कर लीजिए। इससे क्यूआर कोड स्कैन करना होगा और आपको ई-हॉस्पिटल का टोकन नंबर मिल जाएगा। ओपीडी के काउंटर संख्या 4 पर टोकन नंबर बता अपना पर्चा प्राप्त कर सकते हैं।

मरीजों की सुविधा के लिए किया गया विकसित

एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि आभा एप को केंद्र सरकार की ओर से मरीजों की सुविधा के लिए विकसित किया गया है। वर्तमान व्यवस्था में मरीज ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचते हैं तो मरीज या तीमारदार को पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगना पड़ता है। पर्चा बनाने में स्टाफ को अपेक्षाकृत समय भी अधिक लगता है। पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर बैठा स्टाफ मरीज का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और पता पूछता हैं। इसकी एंट्री करने में समय लगता है। 

क्यूआर कोड स्कैन करने पर मरीज की जानकारी आ जायेगी

वैकल्पिक व्यवस्था में मरीज को आभा एप डाउनलोड करना होगा। एप से मरीज की आधार संख्या जुड़ जाती है। एप के जरिये क्यूआर कोड स्कैन करने पर मरीज की जानकारी ई-हॉस्पिटल में आ जाएगी और उसे टोकन नंबर ऑनलाइन मिलेगा। यह टोकन नंबर काउंटर पर बैठे स्टाफ को बताना होगा। वह सिस्टम में उसे डालेगा तो मरीज का पूरा ब्यौरा आ जाएगा, वह बीमारी पूछकर संबंधित विभाग की ओपीडी का पर्चा दे देगा। इससे मरीज का समय बचेगा।

चार नंबर काउंटर पर की गई है व्यवस्था

एसएन मेडिकल कॉलेज ओपीडी के रिसेप्शन पर चार नंबर काउंटर पर क्यूआर कोड स्कैन करने और टोकन नंबर बताकर पर्चा बनवाने की व्यवस्था की गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर काउंटरों की संख्या भी बढ़ा दी जाएगी। डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अगले चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल के माध्यम से मरीज पर्चा भी खुद जनरेट कर सकेगा। फीस भी ऑनलाइन जमा कर सकेगा। यह व्यवस्था 15 से 20 दिन में बना दी जाएगी। जांचों की फीस भी ऑनलाइन जमा की जा सकेगी।

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