सरकारी चिकित्सकों को प्राइवेट प्रैक्टिस करना भारी पडे़गा। इसे रोकने को पहली बार शासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। डाक्टराें को ‘रंगे हाथ’ पकड़ने की जिम्मेदारी स्कवायड टीम को दी गई है। इसके सदस्य निजी क्लीनिक पहुंच वीडियोग्राफी, पर्चे समेत अन्य साक्ष्य जुटाएंगे। सबूत आते ही टीम क्लीनिक पर छापा मारेगी, नेतृत्व कमिश्नर के हाथों में रहेगा। मरीजाें के बयान और वीडियोग्राफी को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा। डाक्टरों को पकड़वाने में एनजीओ भी मददगार बनेंगे। शासन का निर्देश मिलते ही एसएन मेडिकल कालेज प्राचार्य और सीएमओ ने चिकित्सकों को नोटिस भेजा है। उनसे प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करते इस बाबत एफिडेविट मांगा है। एफिडेविट सप्ताहभर में जमा करना है।