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Agra News: बरौना गांव पहुंचीं मंडलायुक्त, निरंतर निगरानी के निर्देश

Thu, 11 Jul 2024 12:12 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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कासगंज। गंगा किनारे के गांव बरौना की कटान आपदा के निरीक्षण के लिए बुधवार को अलीगढ़ मंडल की आयुक्त चैत्रा वी और पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने डीएम मेधा रूपम एवं एसपी अपर्णा रजत कौशिक के साथ बरौना गांव में कटान आपदा को लेकर निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत कराने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति लेकर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से से बातचीत कर स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही उनसे कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं वे चिंता नही करें। बरौना गांव में पिछले कई दिनों से उफनती गंगा की धारा ने सिंचाई विभाग के द्वारा तैयार किए गए तटबंधों को काफी क्षति पहुंचाई। ऐसी स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी चिंतित हैं। डीएम मेधा रूपम ने मंडलायुक्त चैत्रा वी को बाढ़ से सुरक्षा के संबंध में किए गए प्रबंधों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बरौना पर सिंचाई विभाग के द्वारा बनाए गए बांध और क्षतिग्रस्त बांध का बारीकी से निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से स्थिति के बारे में जानकारी ली। मंडलायुक्त ने बरौना के ग्रामीणों से भी संवाद किया। ग्रामीणों ने कहा कि बरौना को बचाने के लिए पक्के तटबंधों की जरूरत है। सिंचाई विभाग के द्वारा पिछले दो वर्षों में जो भी कार्य कराए हैं। वह कार्य कटान रोकने में कारगर साबित नहीं हो रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अभी पूरा मानसून सीजन पड़ा है। आगामी समय में बाढ़ का प्रकोप तेज हागा। ग्रामीणों से संवाद के दौरान आयुक्त एवं डीएम ने कहा कि ग्रामीण चिंतित नहीं हों। प्रशासन उनके साथ है। सिंचाई विभाग कटान रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्त सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से कर लिए जाएं। जिससे जल स्तर बढ़ने पर ग्रामीणों को कोई समस्या उत्पन्न नहीं हो। कटान रोधक कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। बाढ़ चौकियां पूर्ण रूप से सक्रिय रहें। बढ़ते जल स्तर और बांधों पर हर समय नजर रखी जाए। उन्होंनेे कहा कि जलभराव से निपटने की पूरी तैयारियां रहें। चिकित्सा कैंप, पशु टीकाकरण, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर राहत शिविर, दवाओं की उपलब्धता, मेडिकल किट्स, तटबंधों की सुरक्षा, गोताखोर व नावों, क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों को तत्काल ठीक कराने सहित व्यवस्थाएं पूर्ण रखी जाएं।
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