कासगंज। हेल्पर की नौकरी के लिए अपने दो अन्य लोगों के साथ रूस गए गंजडडुडवारा के युवक अरबाब को प्राइवेट आर्मी में भर्ती करके रूस-यूक्रेन युद्ध में जंग लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। युवक अबरार के द्वारा अपने परिजनों को भेजे गए वीडियो में यह सच्चाई बताई है। युवक बार-बार अपने परिजनों से रूस से वापस अपने देश बुलाने की गुहार लगा रहा है। युवक के साथ गए दो अन्य लोगों में एक हैदराबाद का युवक अशफान और एक कश्मीर का युवक जहूर भी शामिल है। युवक अरबाब ने परिवार के लोगों को वीडियो भेजकर वहां के हाल बयां किए हैं। उसका कहना है कि शीघ्र उसे वापस नहीं बुलाया गया तो कुछ भी हो सकता है। युवक ने अपने वीडियो में कहा है कि वह बाबा ब्लॉग एजेंसी के माध्यम से 12 नवंबर 2023 को रूस की राजधानी मास्को पहुंचा। यहां उससे रूसी भाषा के अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। उसका कहना है कि उसे यह नहीं मालूम की कौन से पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए। युवक ने बताया कि एजेंसी के द्वारा उसे रूस के सरकारी विभाग में हेल्पर के रूप में कार्य करने की बात बताई गई थी और एक लाख रुपये से अधिक वेतन मिलने की बात कही थी।अरबाब ने वीडियो में बताया कि यह सारी जानकारी मिलने के बाद वह रूस गया था। उसके साथ हैदराबाद और कश्मीर का युवक भी गया था। सभी को हेल्पर की बात बताई गई थी। वीडियो में युवक ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह स्वयं भी युद्ध में घायल हुआ है और उसे दो साथी भी घायल हुए हैं। घायल होने के बाद उपचार के बाद सही होने पर फिर से यूक्रेन के बॉर्डर पर तैनात किया गया है। अरबाब के वीडियो संदेश से परिवार के लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।