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Agra News: जिला अस्पताल के डॉक्टर लिख रहे बाहर की दवाएं

Sat, 06 May 2023 11:14 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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मैनपुरी। जिले में बुखार और डायरिया के मरीज तेजी के साथ बढ़ रहे हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के लिए प्रभावी दवा तक उपलब्ध नहीं है। डॉक्टरों को बाहर से दवा लिखनी पड़ रही है। बीमारियों के बीच अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल के कर्मचारी भी दबी जुबान अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर परेशान दिख रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में डायरिया के साथ बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ चली है। अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों की भीड़ पहुंच रही हैं। बुखार और डायरिया के सीजन में जिला अस्पताल में प्रभावी दवाओं की कमी नजर आ रही है। शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे कई मरीजों के लिए चिकित्सकों ने बाहर की दवाएं लिखीं। मरीजों को बाहर से दवाएं लाते हुए देखा गया। यही नहीं डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे अस्पताल में अन्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित दिख रही हैं।
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समय से नहीं बैठते डॉक्टर
जिला अस्पताल की ओपीडी का बुरा हाल है। यहां डॉक्टर समय से नहीं बैठते हैं। आठ बजे के अस्पताल में कभी भी नौ बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचते हैं। दो बजे तक संचालित होने वाली ओपीडी में एक बजे ही डॉक्टर कमरा छोड़कर चले जाते हैं। इसके चलते मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

कॉटन और सिरिंज तक की चल रही है कमी
जिला अस्पताल में कॉटन और सिरिंज की कमी चल रही है। शनिवार को भी अस्पताल में कॉटन और सीरिंज की कमी दिखी। हालांकि सीएमएस ने 10 बंडल कॉटन और 500 सिरिंज की व्यवस्था कराई है। अब ये कितने दिन तक चलता है इसका पता प्रयोग के बाद ही चलेगा। फिलहाल कर्मचारी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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केस नंबर-एक
शहर के मोहल्ला महमूद नगर निवासी कोतवाली सिंह शनिवार को जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे थे। यहां डॉक्टर ने उन्हें उपचार देने के बाद यह कहते हुए बाहर की दवा लिखी कि अंदर की दवा प्रभावी नहीं है। दो दवाइयां वह बाहर से ले लें। कोतवाल सिंह ने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर वह दो दवाएं बाहर से लेकर आया है।

केस नंबर- दो
शहर के मोहल्ला गोपाल नगर निवासी अनिल कुमार बुखार और खून की कमी होने की दिक्कत से जिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां डॉक्टर से उन्होंने उपचार लिया। यहां भी डॉक्टर ने उनसे पूंछा कि अस्पताल की दवाएं इतनी प्रभावी नहीं हैं कि वे जल्दी ठीक हो जाएं। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें बाहर की दवा लिखी। अनिल बाहर से दवा लेकर आए उनका कहना था कि डॉक्टर ने ही बाहर से दवा लेने की सलाह दी थी।

अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। कॉटन और सीरिंज की व्यवस्था की गई है। किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय से ओपीडी में बैठकर मरीजों को उपचार दें।
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-डॉ. मदनलाल, सीएमएस
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