कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मनौटा में शव दफनाने के लिए बुधवार को दो समुदाय के बीच विवाद हो गया। लगभग दो-तीन घंटे तक शव को दफनाने नहीं दिया गया। जानकारी मिलने पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद ही शव को दफनाया जा सका। बुधवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र के गांव मनोटा में 45 वर्षीय शाकिर अली की सामान्य मौत हो गई। परिजन शाकिर का शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे। आरोप है कि हिंदू समुदाय के कुछ लोगों ने कब्र के लिए खोदी जा रही जमीन को विवादित बताया और खुदाई का काम रुकवा दिया। इससे दोनों समुदाय के लोगों में विवाद शुरू हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया। एसडीएम संजीव कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विवाद खत्म करने के लिए जमीन की नाप-तोल कराई। इसके बाद कब्र खोद कर मृतक का शव दफनाया गया। मां की मौत का सदमा सहन न कर सका मृतक पुत्र मृतक शाकिर अली की मां मुन्नी बेगम का देहांत अभी 11 दिन पूर्व हुआ था। मां का शव दफनाने के समय भी विवाद हो गया था। उस समय भी बमुश्किल ही शव को दफनाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि मां की मौत के बाद से ही शाकिर परेशान रहता था। मां की मौत के मात्र 11 दिन बाद ही अब शाकिर अली की भी मौत होने से गांव में चर्चा हो रही है। एसडीएम संजीव कुमार का कहना है कि कोई विवाद नहीं हुआ। सिर्फ शव दफनाने को लेकर दो पक्ष के लोग आपस में कहासुनी कर रहे थे। जमीन की नाप-तोल करवाकर शव को दफना दिया गया है। वहां शांति व्यवस्था बनी हुई है।