मैनपुरी। दिहुली सामूहिक हत्याकांड में मंगलवार को एडीजे डकैती इंद्रा सिंह की कोर्ट में बहस पूरी नहीं हो सकी। बचाव और अभियोजन पक्ष की ओर से पुर्न बहस के लिए आवेदन दिया। इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को कहा 28 फरवरी को फिर से उपस्थित होकर बहस पूरी करने का आदेश दिया है। हालांकि इस प्रकरण में बहस की कार्रवाई पहले ही पूरी हो चुकी है। लेकिन दोनों ही पक्ष फिर से कोर्ट में बहस चाहते हैं। फिरोजाबाद जनपद के जसराना थाना क्षेत्र के ग्राम दिहुली (घटना के समय मैनपुरी का हिस्सा) में 24 दलितों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। वर्ष 1981 में 18 नवंबर की शाम 6 बजे की यह घटना है। डकैत संतोष और राधे के गैंग ने एक मुकदमे में गवाही के विरोध में हथियारों से लैस होकर दिहुली गांव में घुसकर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों पर गोलियां चलाई गई थी। इसमें 24 लोगों की मौत हुई थी। बदमाशों ने हत्या करने के बाद लूटपाट भी की थी। रिपोर्ट दिहुली के लायक सिंह ने 19 नवंबर 1981 को थाना जसराना में दर्ज कराई थी। थाना जसराना में राधेश्याम उर्फ राधे, संतोष सिंह उर्फ संतोषा के अलावा दो महिलाओं सहित 24 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी बनाए गए सभी लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। मैनपुरी से लेकर इलाहाबाद तक यह मामला कोर्ट में चला। इसके बाद बीते साल सितंबर माह में बहस के लिए मुकदमा मैनपुरी की डकैती कोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। इस मुकदमे के 21 अभियुक्तों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में कोर्ट में आरोपी रविंद्र सिंह और रामपाल सिंह व रामसेवक के खिलाफ मुकदमा विचाराधीन है।