उत्तर प्रदेश के आगरा में अमर उजाला की 75 सालों की विश्वसनीयता डिजिटल दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना रही है। दुनियाभर में हिंदी भाषी पाठकों के लिए अमर उजाला की विश्वसनीयता का ही परिणाम है कि हर रोज सात समंदर पार रहने वालों लाखों प्रवासी पाठक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने शहर की खबरों से रूबरू होते हैं।
अमर उजाला पढ़ने की आदत डाली
अमेरिका में रहने वाली शिक्षिका शुचिता अस्थाना कहती हैं कि बचपन में मेरे पापा ने मुझे अमर उजाला पढ़ने की आदत डाली थी। हमारे घर में अमर उजाला जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया था। रोज डिजिटल दुनिया पर शहर की खबरें देखती हूं। साथ में देश की जानकारी भी मुझे अमर उजाला से मिलती है।
परंपराओं से परिचित करा रही खबरें
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में रहने वाली साहित्यकार शशि गुप्ता का कहना है कि अमर उजाला की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी खबरें डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रवासी युवाओं को भारतीय संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं से परिचित करा रही हैं। आगरा में रहने के दौरान भी अमर उजाला में इस तरह की खबरें सबसे ज्यादा देखने को मिलती थीं।
अमर उजाला की लगातार बढ़ रही लोकप्रियता
धूम मचा रही है। बदलते परिवेश में भी नहीं बदली। इसका असर दुनियाभर में डिजिटल दुनिया में अमर उजाला की लगातार बढ़ रही लोकप्रियता उस समय देखने को मिला, जब दुनियाभर की खबरें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखी जाने लगीं। सात दशकों से अधिक समय की कागजी दौर से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर जब डिजिटल दुनिया तक पहुंचा, तो अमर उजाला ने दुनियाभर में विश्वसनीयता कायम की।