कासगंज। प्रधानाचार्य परिषद उत्तर प्रदेश ने माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की तीन सूत्रीय समस्याओं के निस्तारण की मांग की। वहीं चयन बोर्ड 1982 में हटाई गई धाराओं को फिर से शामिल किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री, अपर प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा गया।जिलाध्यक्ष आलोक दुबे ने कहा कि चयन बोर्ड 1982 की विभिन्न धाराएं जो प्रधानाचार्यों के हित की थी, जिन्हें हटाया गया है। जिस कारण विद्यालयों के प्रबंधक मनमानी करेंगे और प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का उत्पीड़न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तदर्थ प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति को पहले प्रधानाचार्य का वेतनमान मिलता था, अब प्रधानाचार्य को शिक्षक का ही मानदेय मिलेगा। माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों के द्वारा तरह तरह से उत्पीड़न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चयन बोर्ड 1982 की धारा 21, धारा 18, धारा 12 सहित अन्य धाराओं को यथावत अस्तित्व में रखा जाए। जिससे प्रधानार्चों और शिक्षकों का उत्पीड़न न हो सके।