मैनपुरी। निपुण भारत अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक और दो के बच्चों का मूल्यांकन किया जाना है। जिले के 1521 प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों का मूल्यांकन के लिए चयन किया गया है। दोनों कक्षाओं में 80-80 फीसदी बच्चों के निपुण पाए जाने पर ही विद्यालय को निपुण घोषित किया जाएगा। इससे विद्यालयों के शिक्षकों का भी मूल्यांकन होगा। निपुण अभियान के तहत पिछले दिनों निपुण एसेसमेंट टेस्ट का भी आयोजन किया गया था। इसके बाद अब परिषदीय स्कूलाें में निपुण आकलन कराने का निर्णय लिया गया है। जिले के 1521 प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा एक और दो के बच्चों की दक्षता परखी जाएगी। आकलन निपुण लक्ष्य एप पर किया जाएगा। दोनों कक्षाओं में 80-80 फीसदी बच्चों के निपुण पाए जाने पर ही विद्यालय को निपुण घोषित किया जाएगा। वहीं, जहां बच्चे 80 फीसदी से कम रह जाएंगे वहां सुधार के लिए उपचारात्मक कक्षाएं संचालित की जाएंगी। बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि यह निपुण आकलन केवल बच्चों का ही नहीं, बल्कि वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों का भी होगा। निपुण आकलन के लिए डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं की टीमें गठित की जाएंगी। प्रत्येक टीम में दो डायट प्रशिक्षुओं को लगाया गया है। इसके लिए उनको जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। बीएसए ने बताया कि अभियान के तहत केवल बच्चों ही नहीं, बल्कि वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की दक्षता की भी परीक्षा होगी। जिन विद्यालय के बच्चे निपुण घोषित होंगे, उस विद्यालय के शिक्षकों को भी जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। बीएसए दीपिका गुप्ता का कहना है कि पूर्व में निपुण आकलन के लिए 4 दिसंबर तिथि घोषित की गई थी लेकिन एसआईआर सर्वे के चलते शिक्षक मतदाता सूची की गणना कराने में लगे हुए हैं। इसे देखते हुए शासन ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। उम्मीद है कि अब आकलन का कार्य जनवरी में किया जाएगा।