मैनपुरी। थाना करहल के गांव असरोही में 10 साल पहले हुए सामूहिक हत्याकांड के पांच आरोपियों का फैसला किशोर न्याय बोर्ड में होगा। आरोपियों के नाबालिग होने के कारण उनके मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में की जा रही है। इस हत्याकांड के दो आरोपी मुकदमे की सुनवाई के बाद दोषी पाकर जेल भेजे जा चुके हैं।
असरोही में 20 सितंबर 2014 को सुबह 10 बजे भीड़भाड़ वाले बाजार में नीरज, सोनू, अखिलेश, सुशील की प्रधानी की रंजिश के चलते गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। साेनू के चाचा जितेंद्र ने राकेश उर्फ अब्बा, रामजीलाल निवासी नगला खुशाल कुम्हेरी, संजीव निवासी नगला अतिराम, थानसिंह निवासी मनौना थाना करहल, कुतरुआ निवासी नगला जुला थाना जसवंतनगर जिला इटावा के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सामूहिक हत्याकांड के इन आरोपियों के नाबालिग होने के कारण इनका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट जसीम खान न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ अभियोजन पक्ष की गवाही चल रही है। एक्शन प्लान की फाइल होने के कारण मुकदमे का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। तय तारीख पर हर हाल में अभियोजन की गवाही कराने के निर्देश हैं।