कासगंज। अपेस फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध धोखाधड़ी के मामले में पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर को धोखाधड़ी के मामले में शामिल किए जाने की याचिका पर शुक्रवार को प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन के न्यायालय में बहस हुई। अब इस मामले में वाद के संबंध में अग्रिम तिथि 22 अगस्त निर्धारित की है। वहीं इस मामले में अन्य आरोपी पूर्व मंत्री शिवानंद नौटियाल के पुत्र दिव्य नौटियाल के अधिवक्ता ने न्यायालय में सुलह समझौते के आधार पर मामले के निस्तारण के लिए आवेदन किया है। इस आवेदन पर भी 22 अगस्त को निर्णय हो सकता है।न्यायालय में शहर के निवासी प्रेम प्रकाश गुप्ता की ओर से न्यायालय में वाद दायर किया। मूल वादी प्रेमप्रकाश गुप्ता के निधन के बाद से अब उनकी पुत्र वधू मीनाक्षी गुप्ता इसकी वादी हैं। मीनाक्षी गुप्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपेस फाइनेंस कंपनी के निदेशक पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर, पूर्व मंत्री शिवानंद नौटियाल के पुत्र दिव्य नौटियाल व पुत्रवधू नीरा नौटियाल के विरुद्ध फाइनेंस में निवेश किए धन की धोखाधड़ी कर हड़पने का मामला दायर किया था। इस मामले में न्यायालय ने पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर को अलग कर दिया था, लेकिन अब पर्याप्त साक्ष्य पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर के विरुद्ध उपलब्ध हुए हैं। अब फिर से उनका नाम वाद में शामिल करने के लिए प्रेम प्रकाश की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस मामले में पीड़ित के अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय में शुक्रवार को बहस की गई है। अब इस मामले में पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर के मामले में 22 अगस्त को न्यायालय निर्णय ले सकता। वहीं 22 अगस्त को भी दिव्य नौटियाल की ओर से दायर किए गए प्रार्थना पत्र पर न्यायालय निर्णय करेगा।