कासगंज। नगर पालिका के सफाई कर्मियों की हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन समाप्त हो गई। इसके बाद सफाई कर्मी अपने काम पर लौट आए। समझौता वार्ता के दौरान पांच दिन से जारी गतिरोध टूटने के साथ ही कर्मी काम पर लौटने को सहमत हो गए। पिछले चार दिन में हड़ताल के कारण पूरे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए थे। इसी के साथ ही कूड़ा उठान शुरू हो गया। इससे लोगों को लगातार बढ़ रही गंदगी की समस्या से राहत मिल गई।सोमवार को पिछले चार दिन से हड़ताल पर बैठे कर्मियों को मनाने के लिए सोमवार को भाजपा एमएलसी रजनीकांत माहेश्वरी, भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी और अपर जिलाधिकारी राकेश पटेल ने नगर पालिका में कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाया। कर्मियों ने यहां अपनी सभी मांग दोहराईं। इसके बाद स्थानीय स्तर की समस्याओं को शीघ्र निस्तारण कर देने तथा ठेका कर्मियों को 410 रुपये मजदूरी भुगतान करने तथा संविदा कर्मियों के लिए वर्ष 2017 में सातवें वेतन आयोग के तहत गलत तरीके से दिए गए दो करोड़ रुपये से अधिक की रिकवरी को स्थगित करने के लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखकर शासन को भेजने का आश्वासन दिया गया। इस पर सहमति बन गई। इसके बाद कर्मियों ने अपनी हड़ताल को वापस ले लिया। हड़ताल समाप्त होते ही कर्मी शाम को अपने काम पर लौट आए। कर्मियों ने नगर में झाडू लगाने का कार्य शुरू कर दिया। इसी के साथ कई दिनों से जमा कूड़े के ढेर को भी जेसीबी की सहायता से उठाना शुरू कर दिया। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सफाई कर्मियों के साथ बातचीत सफल रही। स्थानीय स्तर की समस्याओं को शीघ्र निस्तारित करने तथा शासन स्तर की समस्याओं के निदान के लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखकर शासन को भेजने पर सहमति बन गई। वार्ता के दौरान पालिका की अधिशासी अधिकारी पूजा श्रीवास्तव, सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष साेनू भंडारी, मुकेश वाल्मीकि, मोहित तेजधारी, आकाश, रमेश, राम खिलाड़ी आदि मौजूद रहे। 19 सितंबर को शुरू की थी हड़ताल : सफाईकर्मी अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 19 सितंबर को हड़ताल पर चले गए थे। कर्मियों ने गांधी मूर्ति पर धरना देना शुरू कर दिया। कर्मियो की हड़ताल से सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। शहर के बाजारों से लेकर गलियों तक में कूड़े के ढेर लग गए। लगभग 100 मीट्रिक टन कूडा एकत्रित हो गया। इससे लोगों को काफी दिक्कतें होने लगी।