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आगरा: बंद कोठी में मिली सेवानिवृत्त वैज्ञानिक की लाश, घरवालों से दूर रहते थे अकेले...जांच में जुटी पुलिस

Sun, 17 Mar 2024 02:08 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेवर्क, आगरा

सार

वैज्ञानिक अपने परिवार से दूर इस घर में अकेले रहते थे। कुछ दिन से उनके घर में कोई हलचल नहीं हुई, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। 
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बंद कमरे में मिली लाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोठी में अंदर बेडरूम में तख्त पड़ा था। तख्त के पास स्कूटर खड़ा था। तख्त और स्कूटर के बीच में फर्श पर राजीव माथुर पड़े मिले। शव कई दिन पुराना होने से सड़ गया था। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वीडियोग्राफी भी कराई। पुलिस ने कोठी की तलाशी ली। दो गेट थे। जो अंदर से बंद थे। घर में अंदर प्रवेश का और कोई रास्ता नहीं था। सामान भी सुरक्षित मिला। इससे वारदात की आशंका नहीं हुई।

एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि मृतक के मोबाइल को चार्ज कर ऑन किया। इसमें एक नंबर मिला। वह मध्य प्रदेश के प्रवीन जैन का था। उन्होंने बताया कि वह राजीव माथुर के रुपये म्युचुअल फंड में निवेश करते थे। राजीव वैज्ञानिक थे। पहले मुंबई में रहते थे। अमेरिका भी रहकर आए थे। 25 साल पहले पत्नी से तलाक हो गया। बेटा अमेरिका में है। बेटे ने पिता से कई साल से संपर्क नहीं किया है। एक बहन ऑस्ट्रेलिया तो दूसरी वडोदरा में रहती हैं। राजीव किसी बाहरी व्यक्ति से बात नहीं करते थे। घर में रिश्तेदारों का भी आना-जाना नहीं था। पुलिस प्रवीन जैन के आगरा आने का इंतजार कर रही है।

नहीं रखते थे नौकर

राजीव घर में नौकर नहीं रखते थे। शाम को सत्संग जाते थे। इसके बाद खाना खाकर आते थे। पड़ोस के लोगों से भी बातचीत नहीं करते थे। वह अखबार पढ़ते थे। जब पुलिस घर में पहुंची तो कई अखबार पड़े थे। इससे पता चला कि कई दिन पहले मौत हो गई थी।

शहर में एकाकी रहने वाले बुजुर्ग की मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले हरीपर्वत क्षेत्र में कोठी में महिला का शव मिला था। वह भी अकेली रहती थीं। शाहगंज में मां-बेटी की मौत हुई थी। मां का कंकाल मिला था, जबकि बेटी का शव। पूर्व में ऑपरेशन सवेरा चलाया गया था। इसके तहत पुलिस को अपने-अपने इलाके में ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटानी थी, जो अकेले रहते हैं। उनकी मदद करने वाला कोई नहीं है। मगर, यह अभियान कुछ दिन की कवायद के बाद बंद हो गया। शहर में कई लोग ऐसे हैं जो अकेले ही जीवन यापन कर रहे हैं।

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