प्लॉट नाम करने को लेकर था विवाद
पोस्टमार्टम गृह पर मृतक के भाई अजय ने बताया कि छह लाख रुपये का बरारी में प्लॉट खरीदने को लेकर नहनू ने पत्नी नीलम को मायके से बुलाया था। सोमवार सुबह आई पत्नी ने यह प्लॉट अपने नाम करने को कहा था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं था। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और दिन में वह मेहनत मजदूरी करने चला गया। इस बीच पत्नी नीलम ने पूरी साजिश रच ली।
पति को बेहोश कर फंदे से लटकाया
शाम सात बजे नहनू जब घर आया तो उसे खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर अचेत कर दिया। आरोप है कि मायके पक्ष की चार महिलाएं और दो पुरुषों ने नहनू को कमरे में पंखे से लटका दिया। रात में जब नीलम अपने पक्ष के लोगों के साथ गाड़ी से लौट रही थी, तभी मौके पर पहुंची रिफाइनरी पुलिस ने उसे रोक लिया और पूछा उसके कितने बच्चे हैं, जब बताया गया कि तीन बच्चे हैं। इनमें से आठ महीने के दुधमुंहे बच्चे को वह ससुराल में ही छोड़ आई है। इस पर दरोगा हरेंद्र सिंह ने महिला को घर जाकर छोटे बच्चे को साथ लाने की बात कही।
कमरे में रो रहा था आठ माह का बच्चा
बताते हैं कि नीलम जब घर पहुंची तो बंद कमरे से बालक के रोने की आवाज सुनकर पुलिस ने दरवाजा खुलवाया, जहां छोटा बच्चा रो रहा था। नहनू का शव पंखे से लटका था। सभी को हिरासत में ले लिया। इस बीच एक महिला भाग गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह महिला प्लॉट खरीदने के लिए लाई गई छह लाख रुपये की नकदी और लाखों रुपये के जेवरात लेकर भाग निकली है। इसकी तलाश की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक प्रशांत त्यागी ने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम पैनल से कराया गया है।