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इन्हें शर्म भी न आई: हादसे के बाद सड़क पर बिखरीं थीं लाशें... ये बटोर रहे थे नोट; तीनों गिरफ्तार

Mon, 15 Jan 2024 03:35 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

सिकंदरा हाईवे पर सड़क हादसे में दूध व्यापारी सहित तीन की मौत के बाद एक लाख रुपये गायब हुए। इसका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें देखा गया कि हाईवे पर जहां लाशें बिखरीं हुईं थीं, वहीं कुछ लोग व्यापारी के रुपये गायब करने में व्यस्त थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सिकंदरा हाईवे पर कंटेनर से हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली घटना भी हुई थी। सड़क पर बिछीं लाशों के बीच हमदर्दी दिखाने का ढोंग करके कुछ लोग मृतक दूध व्यापारी के थैले से एक लाख रुपये लूट ले गए थे। हालांकि उन्होंने थैला दुकानदार और पुलिस को देने की बातें कहीं मगर ऐसा किया नहीं। इंटरनेट मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हुआ तो रुपये ले जाने वालों को हर कोई धिक्कारने लगा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। चार दिन बाद रविवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं पीड़ित परिवार ने भी हमदर्दी का ढोंग करने वालों को खूब खरी-खोटी सुनाई।
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हादसा 9 जनवरी की शाम लगभग सवा सात बजे हुआ था। नशे में चालक ने कंटेनर दौड़ा दिया था। करीब 18 वाहनों को टक्कर मारी थी। रोकने के लिए केबिन पर चढ़े लोगों को धक्के देकर गिरा दिया था। गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पर कंटेनर रुका। हादसे में दयालबाग निवासी धर्मेंद्र और नुनिहाई निवासी जाकिर सहित तीन बाइक सवारों की मौत हुई थी। 10 जनवरी को तीसरे मृतक की पहचान धर्मेंद्र गुप्ता के रूप में हुई। वह बल्केश्वर स्थित किशन नगर के निवासी और खोआ व्यापारी थे।

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दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ। जिसमें व्यापारी के थैले से बिखरे नोट भरता एक युवक दिख रहा था। कुछ लोग उसे रोक भी रहे थे। वह जाता भी दिखा। मगर, चेहरा साफ नहीं था।

 

मदद का ढोंग करने वालों को भेजें जेल, मिले सजा
कारोबारी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता के भाई महेंद्र गुप्ता ने केस दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि परिवार बेहाल है। वीडियो देखा तो रूह कांप गई। जहां लोगों को मदद की जरूरत होती है, वहां पर ऐसा भी कोई कर सकता है, यह सोचा नहीं था। ऐसे ढोंग करने वालों को जेल भेजा जाए और उन्हें कड़ी सजा मिले। भाई के 1 से 1.5 लाख रुपये लूटे गए। थैले में डायरी और कागजात भी थे। अब पुलिस ने 7000 रुपये बरामद किए हैं। बाकी रकम कहां गई? धर्मेंद्र जब भी जाते थे, वह व्यापार के तकरीबन 1 लाख रुपये लेकर आते थे। रकम ज्यादा भी होती थी। वीडियो में भी गड्डी दिख रही है। हादसे के वक्त भी 1 लाख से अधिक रहे होंगे। वीडियो में और भी लोग दिख रहे हैं, जिनकी पड़ताल होनी चाहिए।

 

पैसे दूध वाले के हैं, पुलिस को दे देंगे...
महेंद्र गुप्ता ने बताया कि धर्मेंद्र मथुरा और वृंदावन से पेमेंट लेकर लौट रहे थे। सिकंदरा में बाईंपुर मोड़ पर कंटेनर ने टक्कर मारी, जिसमें उनकी मौत हुई। उनके थैले में एक लाख रुपये से ज्यादा थे। डायरी, डेबिट कार्ड सहित अन्य दस्तावेज थे। सब चोरी कर लिए गए। इसका वीडियो भी मिला था, जिसमें लोग कह रहे थे कि पैसे दूध वाले के हैं। पैसे उठा लो। पुलिस को दे देंगे। वीडियो में किसी का चेहरा नजर नहीं आया था। पुलिस ने पीड़ित परिवार को बुलाकर आरोपियों से आमना-सामना कराया तो उन्हें परिवार ने खरी-खोटी सुनाई।



 
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नोट देखकर मन में आया लालच
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि रुपये ले जाने वालों का वीडियो मिला था। घटनास्थल के आसपास के लोगों की मदद ली गई। फुटेज देखे गए। इसके बाद रविवार को बिहार काॅलोनी, सिकंदरा निवासी राकेश, आकाश और प्रवीन को गिरफ्तार किया। वे मजदूर हैं। उनसे 7000 रुपये बरामद किए। व्यापारी की 4 डायरी, लाइसेंस, आधार-डेबिट कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मिले। आरोपियों से जब पूछा गया कि मदद के बहाने आकर रुपये क्यों ले लिए, तो उनका कहना था कि वह लालच में आ गए थे। सड़क पर नोट बिखरे थे। उन्हें लगा कि कोई और ले जाएगा, इसलिए खुद ही उठा लिए। तीनों को 9000 रुपये मिले थे। आपस में बांट लिया था। थैले को गांव में फेंककर रुपये खर्च कर रहे थे।
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