डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्नातक द्वितीय वर्ष के सभी पाठ्यक्रमों के जिन छात्रों के परिणाम में मार्क्स वेटिंग (एमडब्ल्यू) लिखा है। छात्रों के प्रार्थनापत्र के आधार पर उसको हटवाया गया। एमडब्ल्यू हटवाने के बाद छात्रों के परिणाम प्रीवियस मार्क्स वेटिंग (पीएमडब्ल्यू) लिखकर आ रहा है। एक समस्या दूर होने पर दूसरी सामने खड़ी हो जा रही है।
विश्वविद्यालय की ओर से शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कोरोना महामारी की वजह से स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षा नहीं कराई गई थी। यह निर्णय लिया गया था कि द्वितीय वर्ष के प्राप्तांक के आधार पर छात्रों को प्रथम वर्ष में औसत अंक प्रदान कर दिए जाएंगे। बीए, बीएससी, बीकॉम द्वितीय वर्ष के जिन छात्रों के परिणाम से पीएम डब्ल्यू हटवाया गया है, उनके परिणाम पर पीएमडब्ल्यू दर्ज हो जा रहा है। छात्र-छात्राएं इसे देखकर परेशान हो रहे हैं। अब इसकी भी शिकायत विश्वविद्यालय में दर्ज करा रहे हैं। उच्चस्तरीय समिति की ओर से लगाए जा रहे हेल्प डेस्क पर भी छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं।
एमडब्ल्यू के बाद जिन छात्रों के परिणाम पर पीएमडब्ल्यू दिखा रहा है, ऐसे छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इनको द्वितीय वर्ष का जो परिणाम मिलेगा, उसमें पीएमडब्ल्यू लिखा हुआ नहीं मिलेगा। द्वितीय वर्ष के परिणाम के आधार पर प्रथम वर्ष के अंक दिए जाने पर पीएमडब्ल्यू हट जाएगा। छात्रों को समस्या के निदान के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा।
- प्रो. मनोज श्रीवास्तव, सदस्य, उच्चस्तरीय समिति, विवि
प्रथम वर्ष के अंक मिलने पर ही समस्या दूर होगी
उच्चस्तरीय समिति के हेल्प डेस्क पर स्नातक द्वितीय वर्ष के करीब 70 ऐसे मामले पहुंचे, जिनके परिणाम में एमडब्ल्यू था। इसको एजेंसी के माध्यम से ठीक कराया गया। अब इन छात्रों के परिणाम में पीएमडब्ल्यू दिख रहा है। इसी समय द्वितीय वर्ष के प्राप्तांक के साथ प्रथम वर्ष का प्राप्तांक न दिए जाने से पीएमडब्ल्यू आ रहा है। प्रथम वर्ष के अंक मिलने पर ही समस्या दूर होगी।
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