बाह: जरार में ऐतिहासिक जल विहार मेले में दाऊजी महाराज के डोले के साथ ताजा हुई क्रांति की यादें
बाह। जरार के एतिहासिक जल विहार मेले में मंगलवार रात 8 बजे करीब दाऊजी महाराज का डोला उठते ही क्रांति की यादें ताजा हो गईं। जंग-ए-आजादी के दौरान दाऊजी महाराज का डोला क्रांति का हथियार बना था। आचार्य अशोक शर्मा ने दाऊजी महाराज की पूजा कर शोभा यात्रा का शुभारंभ किया। एनजीओ नव अक्षय पात्र के संयोजक एवं समाजसेवी उमेश सिसोदिया ने कहा जल विहार मेला प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है। क्रांति इतिहास एवं जरार के बलिदानियों को याद करने का दिन है। उन्होंने बताया कि शोक के माहौल में भी ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन किया गया है। आयोजन समिति के अध्यक्ष नंदू सिसोदिया ने बताया अगले साल जल विहार मेला को भव्य एवं दिव्य रूप दिया जाएगा। इस दौरान जितेंद्र सिंह सिसोदिया, राजीव गुप्ता, सुरेश गुप्ता, मोहन प्रकाश जादौन, संतशरन वर्मा, हरी सिंह आदि रहे। दाऊजी मंदिर से उठा डोला जरार के प्रमुख मार्गों से होते हुए देर रात हनुमान मंदिर पर पहुंचा। जगह-जगह डोले पर फूल बरसाए गए। आरती उतारी गई।