कासगंज। मक्का की फसल में फॉल आर्मी वर्म (स्पोडोप्टेरा फ्रूगिपरडा) की आशंका के चलते जिला कृषि रक्षा विभाग ने किसानों को एडवाइजरी जारी कर इसके नुकसान और बचाव के बारे में बताया है। जिससे मक्का की फसल में नुकसान होने से किसान बचा सकें। फॉल आर्मी वर्म मक्का की फसल का भक्षक और विनाशकारी कीट है। इसकी पहचान के लिए मक्का के फसल को ध्यान से देखें। अंडे छोटे और सफेद रंग के होते हैं। अंडे से लार्वा निकलकर कीट के बड़ा होने पर नियंत्रण आसान रहता है। यह पत्तियों को खाकर उनमें छेद कर देता है। गर्मियों के दिनों में अंडे, लर्वा, युवा और वयस्क रूप में यह कीट मिलता है। कीट के सिर भूरे रंग और पंख सफेद होते हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्र ने बताया कि इससे बचाव के लिए मक्का के खेत के आसपास खरपतवार की सफाई करें। कीट के अधिक प्रकोप होने पर इमेमक्टिन बेंजोएट 5 एसजी की 0.4 ग्राम मात्रा प्रतिलीटर की दर से प्रभावित पौधों पर छिड़काव करें। कम प्रभाव होने पर क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी अथवा क्यूनालफॉस 25 प्रतिशत ईसी की 2 मिली प्रतिलीटर की दर से घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करे। उन्होंने कहा कि मक्का की बाली तथा भुट्टा बनने पर कीटनाशक का छिड़काव नहीं करें।