सोरोंजी। अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ की पहल पर शनिवार को सहसवान के ग्राम धापर में गंगा पर बना बांध ग्रामीणों ने आपसी सहमति से खोल दिया। बांध खुलने के बाद गंगा का पानी लहरा घाट पर तेजी से पहुंचने लगा। इसके बाद लहरा घाट के बाशिंदों में खुशी की लहर दौड़ गई। तीर्थनगरी में 24 फरवरी माघ पूर्णिमा से शुरू हो रहे महा शिवरात्रि मेले में लाखों कांवड़ियों लहराघाट पर गंगाजल भरने आते हैं।8 मार्च को महाशिव रात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर लहरा घाट पर कुंभ का दृश्य नजर आएगा। ऐसे में सहसवान के धापर गांव के ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से बांध लगाकर गंगा की धार लहरा जाने से रोकने पर लहरा के निवासियों की चिंताएं बढ़ गईं थीं। धापर के लोग धार रोककर गंगा में जहरीली दवा डालकर मछलियां मार रहे थे वहीं पालेज की खेती कर रहे थे। अवैध रूप से गंगा की धार रोकने की शिकायत बृहस्पतिवार को लहरा के बाशिंदों बबलू पंडित व महेंद्र कश्यप ने जिलाधिकारी से की थी।जिला प्रशासन की कार्रवाई से पूर्व अखंड आर्यावर्त निर्माण संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा ने पहल कर धापर और लहरा के ग्रामीणों की आपस में वार्ता कराई और दोनों पक्षों ने सहमत होकर गंगा की धार पर बने बांध को खोल दिया इसके बाद गंगा लहरा घाट की ओर स्वछंद रूप से बहने लगी।