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UP: बीमा पॉलिसी के भुगतान का लालच, 24.94 लाख की साइबर ठगी; रकम के इंतजार में बुजुर्ग की हो गई मौत

Wed, 27 May 2026 10:01 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में बीमा पॉलिसी का क्लेम दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने परिवार से 24.94 लाख रुपये की ठगी कर ली। इलाज और आर्थिक संकट के बीच पीड़ित के पिता का निधन हो गया, जिसके बाद साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया गया।
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Cyber Fraud (सांकेतिक) - फोटो : AI जनरेटेड
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विस्तार
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आगरा में साइबर ठगों ने बुजुर्ग की बंद हो चुकी बीमा पॉलिसी का क्लेम दिलवाने के नाम पर जाल में फंसाया। बुजुर्ग और उनके बेटे ने बातों में आकर कई बार में 24.94 लाख रुपये दे दिए, लेकिन पॉलिसी का भुगतान नहीं हुआ। बुजुर्ग इलाज के लिए रुपयों का इंतजार करते रह गए। उनकी मृत्यु के बाद बेटे ने थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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न्यू आगरा थाना क्षेत्र के नगला पदी, दयालबाग रोड निवासी आशीष कुमार राजपूत ने बताया कि उनके पिता दिवंगत ओमप्रकाश राजपूत ने वर्ष 2012 में एक बीमा कंपनी से 13.30 लाख रुपये की पॉलिसी ली थी पर उसकी कुछ किस्तों के बाद आगे रकम जमा नहीं कर पाए। पॉलिसी की अवधि 25 मार्च, 2024 को पूरी हो गई थी। 1 जनवरी, 2025 को एक महिला ने खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताते हुए फोन किया और पॉलिसी मैच्योर होने की बात कहकर रकम दिलाने का झांसा दिया।

साथ ही दस्तावेज ईमेल पर भेजने और विभिन्न शुल्क जमा करने को कहा गया। झांसे में आकर पीड़ित ने 6 जनवरी 2025 को 8,831 रुपये और 7 जनवरी को 12,541 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए अपने भारतीय स्टेट बैंक खाते से कुल 24.94 लाख रुपये आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में भेज दिए। ठग 1 जनवरी से 21 नवंबर 2025 तक कई मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी के जरिए संपर्क में रहे। इस दौरान उनके पिता गंभीर रूप से बीमार हो गए थे।
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इलाज और ट्रांसप्लांट के साथ-साथ 10 दिसंबर 2025 को बहन की शादी की जिम्मेदारी भी थी। 20 दिसंबर, 2025 को पिता की मृत्यु हो गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र दिया। थाना प्रभारी साइबर क्राइम ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर इस्तेमाल किए बैंक खातों और आरोपियों के मोबाइल नंबरों के आधार पर तलाश की जा रही है।
 
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