गंजडुंडवारा। कादरगंज के गंगा घाट पर चल रहे मेला रामनगरिया में श्रद्धालुओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। घाट पर आकर लोग गंगा स्नान के बाद तरह तरह के अनुष्ठान कर रहे हैँ। तो वहीं साधू संत कल्पवास कर रहे हैं। पूर्णमासी तक यह मेला चलना है। मेला ककोड़ा के बाद यह कादरगंज घाट पर एक माह का मेला लगता है। जिसमें साधु संत टेंट झोपड़ी लगाकर घाट पर एक माह कल्पवास करते हैं। यह मेल पुराना मेला है, इसकी शुरुआत 130 साल पहले से चली आ रही है। इस समय घाट पर साधु संतों ने जगह-जगह आश्रम बना रखे हैं। अपने आश्रम की पहचान के लिए उनके ऊपर झंडा बोर्ड लगा रखे हैं। सुबह से शाम तक घाट पर घंटे घड़ियालों जय श्री राम के उद्घोष गूंजते रहते हैं। घाट पर मेला होने के कारण दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं। इनमें मिठाई बच्चों के खेल खिलौने महिलाओं की सौंदर्य सामग्री पूजा पाठ की कई दुकानें लगी हुई है। मेले में प्रतिदिन साधु-संतों को दानी लोग भंडारे लेकर आ रहे हैं। मेले में पानी में लोग नौका विहार का आनंद लेते हैं इसके लिए घाट पर स्टीमर लगे हुए हैं। शाम को प्रतिदिन गंगा मैया की आरती तथा दीपदान कार्यक्रम होता है। रात्रि में गंगा में दीपदान गंगा की हिलोरें लेती लहरों का मनोरम दृश्य हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करता है।