सेंगर में अचानक जलस्तर बढने से फसलेंं जलमग्न
-सूचना देने के बाद भी गांव में नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
करहल/बरनाहल। तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सेंगर नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढऩे से किसानों की खेतों में खड़ी फसलें जलमग्र हो गई हैं। फसलें जलमग्न होने से किसानों को चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि तहसील और ब्लॉक में जानकारी देने के बाद भी समस्या की जानकारी लेने के लिए कोई नहीं पहुंचा है।
सेंगर नदी में अचानक आई बाढ़ से क्षेत्र में फसलें जलमग्न हो गई हैं। करहल-बरनाहल मार्ग स्थित सेंगर नदी में पानी का स्तर बढ़ते-बढ़ते उफान आ गया है। क्षेत्र के नगला रते, परशुरामपुर, नगला देवजीत, भूरेपुर, पैरार शाहपुर में नदी की बाढ़ का पानी बेकाबू होकर खेतों में घुस गया है। इन इलाकों में किसानों की धान, बाजरा की फसल को जलमग्न कर दिया है। फसल की बर्बादी देख किसान परेशान हो रहे हैं।
सेंगर नदी का पानी कई घरों तक भी पहुंच गया है। लोगों को पानी में घुसकर ही आवागमन करना पड़ रहा हैं। प्रभावित गांवों में हर ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। सैंगर नदी की बाढ़ से तबाही की जानकारी किसानों ने प्रशासन को दी है। लेकिन कोई भी अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। क्षेत्रवासी रविंद्र कुमार यादव, मनोज कुमार, दिनेश कुमार, सतवीर, मनोज, आशाराम, दुलारेलाल, रामप्रकाश, प्रेमचंद्र, सत्यवीर ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
गोशाला में घुसा सेंगर नदी का पानी
बरनाहल। विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत भगवतीपुर में बनी गोशाला में सेंगर नदी का पानी घुसने से संरक्षित 108 गोवंश को गोशाला से निकालकर एक निजी हॉल में रखा गया है।
पशु चिकित्सा अधिकारी बरनाहल अखिल अग्रवाल ने बताया कि सेंगर नदी का जलस्तर बढ़ जाने से नदी का पानी भगवतीपुर में बनी गोशाला में घुस गया है। इससे गोवंश बीमार हो रहे हैं। गोवंश के खाने पीने की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। गोवंश के स्वास्थ्य को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी विनय कुमार से बात करने के बाद खंड विकास अधिकारी विश्राम सिंह एवं पंचायत सचिव दिनेश कुमार के सहयोग से गोशाला में मौजूद 108 गोवंश को एक निजी हॉल में रखा गया है। जल स्तर सामान्य होने के बाद उनको गोशाला में ही रखा जाएगा।