मैनपुरी जिले के बिछवां क्षेत्र में गर्भवती किशोरी का हत्यारा उसका तहेरा भाई निकला। उसे डर था कि अगर किशोरी के गर्भवती होने का राज खुल गया तो वो कहीं का नहीं रहेगा। गर्भपात के लिए कई बार दवा भी खिलाई, लेकिन गर्भपात नहीं हो सका। इसके बाद युवक ने किशोरी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। रविवार को एएसपी ने हत्याकांड का खुलासा किया।
एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि बिछवां थाना क्षेत्र में 26 मार्च को 12 वर्षीय किशोरी से लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव गांव के बाहर एक खेत में पड़ा मिला। दुपट्टे से गला घोंटकर किशोरी की हत्या की गई थी।
पुलिस इस मामले को दुष्कर्म के बाद हत्या मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सारे अंदाजे ही गलत साबित कर दिए थे। मृतका चार माह की गर्भवती थी। वहीं उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका भी थी।
दहशत से नहीं बोल रही थी मां
पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। इस मामले में एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने महिला थाना और थाना पुलिस के साथ जब बारीकी से छानबीन की तो तहेरे भाई पर संदेह हुआ। मृतका की मां ने सारी कहानी बयां कर दी।
दहशत की वजह से मृतका की मां कुछ भी बोल नहीं पा रही थी। रविवार को प्रेसवार्ता कर एएसपी ने बताया कि आरोपी की पहली पत्नी मर चुकी थी। उसकी दूसरी शादी हो चुकी थी। पत्नी मायके में थी, इस बीच रिश्ते की बहन के साथ उसने अनैतिक संबंध बना लिए।
जब आरोपी को किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी हुई तो दवा खिलाई, लेकिन जब गर्भपात नहीं हुआ। इसके बाद गला घोंटकर किशोरी की हत्या कर दी। पकड़े गए आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया है। उसे जेल भेजा दिया गया है।
ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम
गर्भवती किशोरी हत्याकांड रिश्तों को दागदार करने वाला है। एएसपी के मुताबिक मृतका के पिता बेहद गरीब हैं। घर के नाम पर एक ही कमरा बना हुआ है, जिस वजह से सर्दियों में किशोरी पड़ोस में रहने वाले ताऊ के यहां सोने के लिए जाती थी।
वहां आरोपी तहेरे भाई ने उसके साथ अनैतिक संबंध बना लिए। करीब दो माह पूर्व उसे पता चला कि किशोरी गर्भवती है। उसे गर्भपात की दवा दी, लेकिन गर्भ नहीं गिरा। 26 मार्च को आरोपी फिर से गर्भपात की दवा लेकर आया।
किशोरी को खेत पर बुलाया, वहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी नोएडा चला गया। अगले दिन सोची समझी रणनीति के तहत वापस आकर पुलिस को गुमराह करता आ रहा था।