काली कमाई के कुबेर यादव सिंह के खजाने की तलाश में लगी सीबीआई ने उसकी तिजोरियों को खोलने में जोर तो सारे लगा दिए, लेकिन ताला एक भी न खुल पाया। करप्शन के इंजीनियर कहे जा रहे इस अधिकारी ने अपने घर में ऐसे मजबूत चीन निर्मित लॉक लगवा रखे हैं कि जिनके आगे ताले खोलने के तीन एक्सपर्ट्स ने घंटों पसीने बहाने के बाद हथियार डाल दिए। इस नाकामी की झल्लाहट सीबीआई टीम के चेहरे पर भी नजर आ रही थी। हालांकि अधिकारियों ने मीडिया के सामने एक शब्द नहीं बोला।
सूत्रों ने बताया कि हरी कोठी के नाम से मशहूर यादव सिंह के देवरी रोड स्थित घर में दो कमरे हैं, जिनमें उसका जरूरी सामान रहता है। इन पर लॉक लगे थे। इसके अलावा कई अलमारियां भी बंद थीं। सीबीआई इन्हें खोलना चाहती थी।
इसके लिए छीपीटोला से एक -एक कर ताले खोलने के तीन एक्सपर्ट बुलाए गए। तीनों ने तालों में खूब चाबियां घुमाईं, लेकिन एक भी काम नहीं कर पाई। सबसे आखिर में आए छीपीटोला के मेकेनिक राजू ने बताया कि लॉक चीन निर्मित हैं, जो लेटेस्ट टेक्निक से बने हैं, इन्हें तोड़ा जा सकता है, खोलना मुमकिन नहीं।
जेनरेटर की भी छानबीन
सीबीआई ने यादव सिंह के घर में हर चीज की छानबीन की। गेट के पास लगे बड़े जेनरेटर को भी गौर से देखा। इसके पीछे शायद यह मकसद था कि कहीं यादव सिंह ने काली कमाई इसमें न छुपा रखी हो। इसके बाद एक अधिकारी ने छत पर जाकर पानी की टंकी में झांककर देखा।
सवाल होते ही बच्चे रोने लगे
सीबीआई ने हरी कोठी में छोटे बच्चे से लेकर बड़े तक सबसे पूछताछ की। जैसे ही यादव सिंह के नौकर धर्मवीर के बच्चों का नंबर आया, रोने की आवाज घर से बाहर आने लगी। बाहर से ही नजर आ रहा था कि दूसरी मंजिल पर एक अधिकारी के सामने बैठे बच्चे रो रहे हैं।
सीबीआई के जाते ही कीठी के गेट बंद
यादव सिंह के मकान में विकास नाम का किराएदार परिवार सहित रहता है। इसके अलावा यादव सिंह का नौकर धर्मवीर रहता है। जैसे ही सीबीआई टीम छापामारी करके गई, इन लोगों ने हरी कोठी के दरवाजे बंद कर लिए। मीडियाकर्मियों के कई बार बुलाने पर भी कोई बाहर नहीं आया।
लाइव
सुबह 7 बजे : सीबीआई टीम यादव सिंह के घर हरी कोठी पहुंची।
9.10 बजे : सीबीआई को हरी कोठी का पता बताने आई पुलिस लौट गई।
11.0 बजे : ताला खोलने के लिए मेकेनिक को बुलाया गया।
12. बजे : मेकेनिक ने हार मान ली, ताले खोले बगैर ही वापस गया।
12.30 बजे : एक और मेकेनिक बुलाया गया, उसने ताले देखते ही हार मानी।
1.0 बजे : छीपीटोला से एक मेकेनिक और बुलाया गया, उसने खूब मशक्कत की।
2.23 बजे : मेकेनिक यह कहकर चला गया, चीन निर्मित ताले हैं, खुलेंगे नहीं।
2.45 बजे : सीबीआई ने यादव सिंह के जेनरेटर की छानबीन की।
2.50 बजे : हरी कोठी की छत पर बनी पानी की टंकी देखी गई।
3.0 बजे : यादव सिंह के नौकर के बच्चों से पूछताछ हुई, वे रोने लगे।
4.0 बजे : सात सदस्यीय टीम नीली बत्ती लगी गाड़ी से लौट गई।
4.15 बजे : सीबीआई टीम नन्दपुरा स्थित यादव सिंह के भाइयों के मकानों पर गई, वहां ताले लगे थे।
4.18 बजे : सीबीआई टीम नन्दपुरा से भी चली गई ।