गाजियाबाद की डासना जेल में बंद चर्चित इंजीनियर यादव सिंह की फरार चल रही पत्नी कुसुमलता की आगरा की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर दी गई है। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने यह कार्रवाई बुधवार शाम को की। सीबीआई ने कोठी पर पूरे सामान सहित कोर्ट का आदेश चस्पा कर दिया। साथ ही सील लगाकर इसे अपने कब्जे में भी ले लिया। इस दौरान यादव सिंह के रिश्तेदारों में बड़ी बेचैनी रही। उसके भाइयों समेत कई रिश्तेदार आसपास ही रहते हैं। कुर्की की सूचना पर इनमें से कई पहुंच गए थे।
नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल में बंद हैं। इसी केस में उनकी पत्नी कुसुमलता फरार हैं। उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट हैं। कुर्की पूर्व वारंट पहले ही जारी हो चुके थे। कुसुमलता का मायका फिरोजाबाद में है। सीबीआई उनकी तलाश में मायके में भी दबिश देने गई थी। यादव सिंह मूल रूप से आगरा का ही रहने वाला है। यहां उसकी और कुसुमलता की कोठी देवरी रोड पर है। यादव सिंह की कोठी हरी कोठी के नाम से चर्चित है।
इसके ठीक बराबर की कोठी कुसुमलता के नाम बताई जाती है। पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद से सीबीआई की टीम इसकी कुर्की करने के लिए आई। इसे सामान सहित कुर्क कर लिया गया। इस पर ताले का साथ सील लगा दी गई। कार्रवाई में स्थानीय पुलिस भी साथ रही। सीओ सदर असीम चौधरी ने सीबीआई की कार्रवाई की पुष्टि की है।
हरी कोठी पर सीबीआई की नजर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीबीआई यादव सिंह की हरी कोठी पर भी नजर रखे है। आशंका है कि कुसुमलता यहां छिपने के लिए आ सकती हैं। इसके चलते सीबीआई पुलिस से इस कोठी के बारे में जानकारी करती रहती है।
यादव सिंह की संपत्ति तलाश रही सीबीआई
सीबीआई ने यादव सिंह की पत्नी कुसुम लता के नाम कोठी को कुर्क किया है। लेकिन तलाश उसकी संपत्ति की भी चल रही है। इसे साक्ष्य के तौर पर कोर्ट के सामने पेश किया जाना है।
बताया जाता है कि आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे के किनारे उसने बेनामी संपत्ति खरीदी। हालांकि इसका रिकार्ड अभी तक सीबीआई को नहीं मिल पाया है। इसकी जानकारी के लिए आगरा विकास प्राधिकरण और तहसील को खत लिखा गया था।
दोनों महकमे कोई विवरण नहीं दे पाए। इसके बावजूद सीबीआई ने आस नहीं छोड़ी है। आगरा में यादव सिंह की देवरी रोड पर कोठी है। पिछले साल सीबीआई यहां आई थी। तब कोठी के अंदर के कई लॉकर नहीं खुल पाए थे। इसके बाद उसकी पत्नी कुसुम लता की तलाश में सीबीआई यहां आ चुकी है। उसके फिरोजाबाद स्थित मायके में भी कई बार दबिश हो चुकी है। लेकिन वह हाथ नहीं आ रही है। केस से जुड़े सूत्रों की मानें तो यादव सिंह के रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर सीबीआई के सर्विलांस पर हैं। यादव सिंह के करीबी ठेकेदारों के बारे में भी सीबीआई की पड़ताल अभी चल रही है।