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घर में सेक्स रैकेट का विरोध करने पर पत्नी को किन्नर बता निकाला

Fri, 01 Sep 2017 03:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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सेक्स रैकेट - फोटो : Demo Pic
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आगरा में एक पति ने अपनी पत्नी को किन्नर बताकर घर से निकाल दिया, जबकि उसका एक बेटा भी है। पति अब पत्नी को साथ रखने के लिए तैयार नहीं है। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला आशा ज्योति केंद्र में भी पहुंचा। मगर, कुछ नहीं हो सका। पीड़िता न्याय के लिए भटकने को मजबूर है। 
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बताया गया है कि कोलकाता (पश्चिम बंगाल) की रहने वाली युवती की शादी नवंबर 2014 में कोतवाली क्षेत्र निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही पति अपनी पत्नी का उत्पीड़न करता था। मई 2015 में पति शराब पीकर आया। विरोध करने पर उसे छत से फेंक दिया। 

इससे वह घायल हो गई, लेकिन उसका इलाज नहीं कराया। मई 2016 में वह दो माह की गर्भवती थी। इसका पता चलने पर पति ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। पति के घर से निकालने पर युवती मायके चली गई। मां ने बेटी के इलाज का खर्च उठाया। नंवबर 2016 में उसके बेटा पैदा हुआ। चार माह पहले युवती ससुराल आ गई।
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सास और ननद चलाती हैं सेक्स रैकेट

युवती ने आशा ज्योति केंद्र की काउंसलर पायल को बताया कि उसकी सास और ननद सेक्स रैकेट चलाती हैं। वह विरोध करती है। इस कारण ही पति उसे घर में रखना नहीं चाहती हैं। इन लोगों ने उसके पति को भड़का दिया है। वहीं पति बार-बार पत्नी को किन्नर बता रहा है। 

पति के आरोप लगाने पर आशा ज्योति केंद्र की ओर से युवती का मेडिकल कराया गया। मेडिकल में युवती के किन्नर न होने की पुष्टि हुई। वहीं पति बच्चे को भी अपना नहीं बता रहा है। इसके लिए उससे डीएनए कराने के लिए बोला गया है।

कह रहा बच्चा उसका नहीं

आरोप है कि पति अब उसे साथ रखने को तैयार नहीं है बल्कि उसका कहना है कि बच्चा उसका नहीं है। इसके बाद फिर से मायके भेज दिया। पिछले दिनों वह ससुराल आई। इस बार मां भी साथ थी। पति ने उनके सामने घर में रख लिया। युवती की मां के जाने पर 14 अगस्त को पति ने उसे कमरे में बंद कर दिया और खाने को कुछ नहीं दिया। 

वह तीन दिन कमरे में ही बंद रही। पड़ोसियों ने उसकी मदद की। किसी तरह वह थाने पहुंच गई और पुलिस से शिकायत की। पुलिस के सामने पति ने कह दिया कि पत्नी किन्नर है। बच्चा भी किसी से मांगकर ले आई है, उसे साथ नहीं रख सकता है। यह युवती 21 अगस्त को रावली मंदिर के पास भटकती मिली। तब एक सामाजिक संस्था के पदाधिकारी की मदद से उसे आशा ज्योति केंद्र पहुंचाया गया।
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बेटे को गीली कर खिलाई रोटी

युवती को पति ने तीन दिन तक घर में कैद करके रखा था। इस दौरान उसे खाना तक नहीं दिया था। कमरे की खिड़की पर गायों को देने के लिए रखी रोटी युवती ने अपने बेटे को पानी से गीली करके खिलाईं। खुद तीन दिन तक भूखी रही। 

घटना की जानकारी पर युवती के रिश्तेदार आ गए। उनका कहना था कि अगर, यहां मुकदमा दर्ज कराते हैं तो पैरवी करने के लिए यहीं रहना होगा। अब वह कोलकाता में ही पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। पीड़िता मायके जाने की तैयारी कर रही है।
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