एटा में भूमि विवाद को लेकर छह महीने से चल रही रंजिश महिलाओं के झगड़े से इतनी बढ़ी कि एक ही परिवार के दो पक्ष आपस में भिड़ गए। पहले लाठी-डंडे चले और फिर फायरिंग हुई।
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इसमें एक महिला की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल से आगरा रेफर किया गया है। सूचना पर एसएसपी, सीओ सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
बताया गया है कि एटा में थाना जैथरा क्षेत्र के गांव सुकटीखेड़ा निवासी रमेश के भाई रामपाल की परिवार के ही धनवान सिंह के साथ जमीनी रंजिश छह महीने से चल रही है। उसी रंजिश को लेकर रविवार सुबह करीब दस बजे दोनों परिवार की महिलाओं के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों पक्ष के पुरुष आमने-सामने आ गए।
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पहले लाठी-डंडे चले और फिर फायरिंग हुई। ताबड़तोड़ फायरिंग में विनीता पत्नी रामपाल, अमरपाल पुत्र रामस्वरुप और राजेश्वर को गोली लगी। वहीं लाठी-डंडों से हुई मारपीट में रेखा पुत्री रामपाल, रमेश, ईश्वरीदेवी, रामवती घायल हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर पहुंची जैथरा पुलिस ने घायलों को भर्ती कराया। जहां विनीता (35) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया जबकि अमरपाल और राजेश्वर को चिकित्सकों ने गंभीर बता आगरा रेफर कर दिया। वही घटना की जानकारी पाकर एसएसपी अखिलेश चौरसिया, एएसपी संजय कुमार, सीओ अलीगंज अजय भदौरिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
बाद में मृतका के देवर विजेंद्र सिंह ने थाना जैथरा में धनवानसिंह, ओमवीर, रतीराम, विक्रम सिंह, ओमेन्द्र जागेश के खिलाफ तहरीर दी है, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। एएसपी संजय कुमार ने बताया कि जमीन के विवाद में महिला की हत्या की गई है। मामले की रिपोर्ट हत्या और जान लेवा हमले में दर्ज की गई है। जांच कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सुकटीखेड़ा में हुई महिला की हत्या के पीछे जमीनी विवाद के चलते उपजी रंजिश है जो पिछले छह माह से सुलग रही थी। दरअसल, रमेश के चाचा रामखिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने हिस्से की पांच बीघा जमीन को आरोपी पक्ष की रामबेटी के नाम कर दिया था। छह माह पहले जमीन का बैनामा कराया था। इस पर रामखिलाड़ी और उसके भतीजे रमेश के बीच विवाद हुआ तो रंजिश में तब्दील हो गया।
उसी वक्त से रंजिश की चिंगारी सुलग रही थी जो रविवार को फूट गई। लोगों ने बताया कि जमीन का बैनामा होने के बाद पिछले दिनों भी दोनों परिवार के बीच झगड़ा हुआ था। जिसे उस वक्त गांव के लोगों ने शांत करा दिया था। हालांकि दोनों परिवार उस समझौते से पूरी तरह से संतुष्ट नहीं थे। जिसे लेकर वे एक दूसरे के दुश्मन बने हुए थे।