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फिल्मी स्टाइल में बड़े कारोबारियों को फंसाती थी महिला, हैरान कर देगी इसकी सच्चाई

Sat, 12 Jan 2019 04:46 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग में पकड़ी गई महिला पति से अलग रह रही है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी आशीष ने बताया कि महिला से उसके संबंध दो साल पहले हुए थे। महिला पहले से शादीशुदा है। उसके दो बच्चे भी हैं। 
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मगर, वो साल से पति से अलग रह रही है। उससे घरवाले भी मिलने नहीं आते हैं। महिला ने आशीष से फोन पर संपर्क किया था। इसके बाद दोस्ती कर ली। उसे अपने जाल में फंसा लिया था। उसके साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी।

आशीष और महिला दोनों ने शादी भी नहीं की है। पहले इंद्रापुरम में रहते थे। बाद में बगदा में रहने चले गए। इसी बीच गैंग बना लिया। फेसबुक से व्यापारी और छात्रों के नंबर तलाशते थे। 
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नकली पति और भाई

महिला पहले उनसे चैटिंग करती थी। इसके बाद मोबाइल नंबर पर कॉल करती थी। मीठी-मीठी बातों में लेकर घर बुलाती थी। यहां पर नकली पति और भाई आ जाते थे। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू कर देते थे। 

अब तक कई लोगों को शिकार बना चुके है। मगर, बदनामी के डर से कई लोग सामने नहीं आए। आरोपी आशीष शर्मा को चोरी के आरोप में सदर पुलिस ने नौ महीने पहले उसे जेल भेजा था। उसकी छीपीटोला में कबाड़े की दुकान है। 

तीन महीने पहले ही वो छूटकर आया था। पकड़े गए सिपाही कवि चौधरी पहले थाना सदर में तैनात था। हाल ही में पुलिस लाइन गया था। आरोपी आशीष की जानपहचान सिपाही दीपक और कवि चौधरी की थाना सदर में हुई थी।

कई लोगों को बना चुकी शिकार

ब्लैकमेल करके लोगों से धन वसूली करने वाले मामले का पर्दाफाश होने के बाद थाने पर कई लोग पहुंचे। इनमें शाहगंज क्षेत्र का एक सराफ भी था। उसका कहना था कि महिला ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से उससे भी तीन महीने पहले संपर्क किया। 

उससे कहा कि पति फौज में है। इसके बाद दोस्ती कर ली। अक्तूबर 2018 में धनतेरस पर बहाने से घर बुलाया। उससे कहा कि शॉपिंग करा दो। इस पर सराफ उसे बाजार लेकर गया। रास्ते में महिला ने रुपयों की मांग की। 

एटीएम से निकालकर 48 हजार रुपये दे दिए। इस दौरान महिला ने उसके हाथ में पहना 45 ग्राम का सोने का कड़ा उतार लिया। इसके बाद उसके घर आए। कमरे में कपड़े उतारने पर उसके साथी आ गए। दोनों ने उसकी फोटो खींच ली। 

पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी। महिला ने उसे भगा दिया। उसे लगा कि महिला का पति आ गया है। मगर, जब शुक्रवार सुबह पता चला कि गैंग पकड़ा गया है तो वह थाने आ गए। बदनामी और डर की वजह से पुलिस से शिकायत नहीं की है।
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छात्र और युवक से वसूले थे 80 हजार 

महिला ने शमसाबाद रोड निवासी इंजीनियर के बेटे को जाल में फंसाया था। 31 दिसंबर 2018 को उसे घर बुलाकर इसी तरह 50 हजार रुपये वसूल किए थे। बल्केश्वर का एक युवक घरों में मीटर लगाने का काम कर रहा था। पांच जनवरी को उसे भी महिला ने घर बुलाकर 30 हजार रुपये वसूल किए थे।

बता दें कि ब्लैकमेलिंग रैकेट में महिला, उसका दोस्त और पुलिस के दो सिपाही सहित पांच लोग शामिल हैं। जो फिल्मी स्टाइल में बड़े कारोबारियों को अपना शिकार बनाते थे। गुरुवार को इस रैकेट के जांल में एक बिल्डर फंस गया था।

इन लोगों ने बिल्डर से 10 लाख रुपये मांगे थे। मामला बढ़ने पर मोहल्ले वालों को पता चला। पुलिस आई गई। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग रैकेट के सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। 
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