शहर में वाहन चोरी सबसे ज्यादा कहां होती है? किस कॉलोनी में लूट का खतरा ज्यादा है। ऐसी तमाम जानकारी आपको बहुत जल्द वेब क्राइम मैप पर मुहैया होंगी। एक क्लिक पर पूरे शहर के अपराध का नक्शा कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा। पुलिस एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में वेब क्राइम मैपिंग शुरू करने जा रही है।
नोडल अधिकारी बनाए गए आईजी पीएसी आशुतोष पांडे ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में आगरा जोन के पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मीडिया से रूबरू उन्होंने बताया कि मैपिंग से क्राइम कंट्रोल में मदद मिलेगी। जिस क्षेत्र में वाहन चोरी ज्यादा है, वहां बोर्ड लगाकर लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
पुलिस गश्त बढ़ाई जा सकती है। जहां चेन स्नेचिंग ज्यादा होती हैं, वहां चौकसी बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कोई भी घटना होने पर उसका खुलासा भी आसान होगा, क्योंकि पुलिस को पहले से इल्म होगा कि कौन से क्षेत्र में कौन सा गिरोह किस तरह की वारदात करता है।
इसके लिए सभी थानों के दो-दो पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। फिलहाल क्राइम मैप पुलिस के लिए रहेंगे। बाद में जनता भी देख सकेगी। मीटिंग में आईजी डीसी मिश्रा, दोनों रेंज के डीआईजी, सभी जिलों के एसपी और एसएसपी मौजूद रहे।
होशियार .. खबरदार
- शहर में वाहन चोरी सबसे ज्यादा संजय प्लेस में होती है। सर्वाधिक व्यावसायिक केंद्र भी यही हैं।
- कमलानगर में चेन स्नेचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यह शहर की पॉश कालोनियों में से एक है।
- एत्मादपुर में चांदी लूट सबसे ज्यादा होती हैं। यहां सादाबाद के गिरोह सक्रिय हैं।
- सराफा कारोबारियों से ज्यादातर लूट उनके प्रतिष्ठान से घर के बीच हुई हैं।
- पर्यटकों के साथ चेन और पर्स लूट फतेहाबाद रोड पर सबसे ज्यादा हुई हैं। यहीं सबसे ज्यादा होटल हैं।
- गोकशी के लिए सैयदपाड़ा और तेलीपाड़ा सबसे ज्यादा बदनाम रहे हैं।
:: डायल 100 में मिलेगी मदद
15 अगस्त से डायल 100 स्कीम शुरू होने जा रही है। इसमें अपराध की सूचना पर पुलिस 15 मिनट में पहुंचेंगी। क्राइम मैपिंग से इसमें मदद मिलेगी। जहां अपराध ज्यादा है, वहीं पर पुलिस जिप्सी लगाई जा सकती है।
प्रापर्टी के रेट पर पड़ेगा असर
क्राइम मैपिंग से लोग जान सकेंगे कि कौन सा इलाका सुरक्षित है और कौन सा असुरक्षित। इसका सीधा असर प्रापर्टी के रेट पर पड़ सकता है। जहां अपराध ज्यादा होगी, वहां प्रापर्टी सस्ती हो सकती है।
हर घटना की रिपोर्ट जरूरी
आईजी पीएसी आशुतोष पांडे ने स्पष्ट किया कि क्राइम मैपिंग के लिए सभी घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज किया जाना जरूरी है। वाहन चोरी की घटनाओं में एक क्राइम नंबर कई घटनाएं दर्ज किया जाना बंद करना होगा।