उत्तर प्रदेश समेत तीन राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने सवा लाख के इनामी शाहुन के गांव जा रहे असलहे एसटीएफ ने पकड़ लिए हैं। आल्टो कार में रखकर 30 तमंचे ले जाए जा रहे थे। बिशंभरा और हाथरस के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है।
मुखबिर की सूचना एसटीएफ ने ये कार्रवाई की। जानकारी मिली थी कि कासगंज की ओर से आने वाली ट्रेन में हाथरस का एक युवक असलहा की बड़ी खेप लेकर मथुरा आ रहा है। ये खेप कुख्यात अपराधियों तक पहुंचाई जाएगी। एसटीएफ ने शुक्रवार सुबह कासगंज से मथुरा आने वाली ट्रेन पर निगाह रखना शुरू कर दिया।
राया स्टेशन पर रुकी ट्रेन से एक युवक उतरा और वह स्टेशन के बाहर खड़ी एक कार में बैठ गया। कार में पहले से एक युवक बैठा हुआ था। एसटीएफ और राया पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दोनों युवकों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से तीस तमंचे बरामद हुए। इन्हें राया थाने लाकर पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार युवकों ने अपना नाम मंगल सिंह निवासी नई बस्ती सिकंदराराऊ, हाथरस और अजीज खां उर्फ अजित निवासी बिशंभरा थाना शेरगढ़ बताया। मंगल सिंह ने बताया कि वह कार में बैठे युवक को तमंचे देकर वापस लौट जाता।
एसटीएफ के एसआई अजयपाल सिंह ने बताया कि मंगल सिंह झांसी से तमंचा लेकर आता था और सप्लाई करता था। यह बड़ा नेटवर्क है जो काफी समय से सक्रिय माना जा रहा है। पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ थाना राया में रिपोर्ट लिखाई है।
एसटीएफ की टीम मंगल सिंह के गांव सिकंदराराऊ गई है। यहां लोगों से मंगल सिंह के बारे में जानकारी की जा रही है। इस नेटवर्क से जुडे़ अन्य लोगों की तलाश हो रही है। एसटीएफ के हत्थे चढ़े मंगल सिंह ने बताया कि ट्रेन का सफर सुरक्षित रहता है। असलहा भरे बैग को ट्रेन की बोगी में सीट के ऊपर रखकर उस पर सिर्फ नजर रखनी होती है। यहां चेकिंग भी नहीं होती है।