झांसी से 12 जुलाई को अपहृत सराफ राजेंद्र कुमार अग्रवाल (राजू कमरया) और उनके साथी राहुल अग्रवाल (राहुल छोले) को मंगलवार रात करीब नौ बजे आगरा के सिकंदरा के निखिल वुडलैंड अपार्टमेंट में हुई मुठभेड़ के बाद मुक्त करा लिया गया। अपहरण करने वाले बदमाश एसटीएफ के सामने से ही भाग गए। उनकी तलाश में एसटीएफ और आगरा पुलिस देर रात तक लगी रही। इस अभियान में बुलेटप्रुफ जैकेट पहने 125 पुलिसकर्मी लगाए गए।
एसटीएफ को पांच दिन से सूचना मिल रही थी कि दोनों अपहृत आगरा में हैं। गिरोह की लोकेशन भी ट्रेस कर ली गई थी। तभी से एसटीएफ की पूरी टीम आगरा में डेरा डाले थी। डीआईजी मनोज तिवारी ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। मंगलवार शाम सटीक सूचना मिली कि बदमाश सिकंदरा में हैं।
एसटीएफ उनकी तलाश में लग गई। रात आठ बजे पता चल गया कि भावना स्टेट के पास नील फ्लोरेंस कालोनी के सामने निखिल वुडलैंड में हैं। एसटीएफ ने रेकी कराई तो पता चला कि अपहृतों को दिल्ली के नंबर की इनोवा कार में रखा गया है। कार बेसमेंट में थी। बदमाश अपहृत कारोबारियों को फ्लैट में शिफ्ट करने की फिराक में थे। तभी एसटीएफ ने घेर लिया। यह देख बदमाशों ने फायरिंग कर दी।
एसटीएफ ने भी गोली का जवाब गोली से दिया। इससे बदमाशों के हाथ पांव फूल गए। आठ बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी। नौ बजे बदमाश अपहृत कारोबारियों को छोड़ अपार्टमेंट के पीछे से जंगल की तरफ भाग गए। एसटीएफ के डीआईजी ने बताया कि अपहृत मुक्त करा लिए गए हैं।
बदमाशों की तलाश जारी है। आगरा के एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि बदमाशों की तलाश में पूरे हरीपर्वत सर्किल की फोर्स, क्राइम ब्रांच, एसटीएफ को लगाया गया है। अपार्टमेंट में सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है।