यूपी-100 की इनोवा गाड़ी पर तैनात सिपाही भानू प्रताप और केशव देव को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। दोनों पर तीन और साथियों के साथ मिलकर मथुरा के बल्देव निवासी व्यापारी कन्हैया अग्रवाल से 4.25 लाख रुपये लूट लिए जाने का नामजद केस दर्ज हुआ है। पुलिस महकमे को शर्मसार कर देने वाली यह वारदात 17 दिसंबर को हुई थी लेकिन कन्हैया ने एफआईआर गुरुवार की सुबह ही दर्ज कराई। दोनों को सस्पेंड भी कर दिया गया है।
केशव देव मथुरा का रहने वाला है और भानू प्रताप अलीगढ़ का। दोनों लोहामंडी क्षेत्र में इनोवा नंबर-21 पर तैनात हैं। कन्हैया ने बताया कि वह 17 दिसंबर को बल्देव के गांव आगई निवासी अपने साथी बाबी उर्फ गोपाल शर्मा के साथ बाइक से आगरा आए थे। उनके पास दो हजार के नए नोट में तीन लाख साठ हजार और 100-100 केनोट में 65 हजार रुपये यानी कुल मिलाकर 4.25 लाख रुपये थे।
दोपहर तीन बजे वह जैसे ही पंचकुइयां चौराहा पर पहुंचे, उन्हें यूपी-100 पर तैनात तीन सिपाहियों ने रोक लिया। उसे गाड़ी में बिठाया। तलाशी के नाम पर कैश निकाल लिया। इसे अवैध धन बताकर छीन लिया। सिपाहियों में मुकेश ड्राइवर था, अन्य दो भानू प्रताप और केशव थे।
उनके नाम नेम प्लेट पर पढ़े। लूट के बाद उसे रेलवे पुल और बाबी को कोठी मीना बाजार के पास छोड़ गए। बाद में पता चला कि साजिश में गोपाल भी शामिल था। पुलिस ने बताया कि कन्हैया ने भानू प्रताप, केशव, मुकेश और बाबी के खिलाफ लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर भानू और केशव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विभागीय जांच शुरू, होगी बर्खास्तगी
आगरा। यूपी-100 पर लगे लूट के दाग से पुलिस अफसर सकते में है। डीजीपी तक मामला पहुंचा है। दोनों सिपाहियों की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है। इसमें दोषी पाए जाने पर बर्खास्तगी तक हो सकती है। अफसरों का रवैया उन्हें बर्खास्त करने का ही लग रहा है।