एटा पुलिस ने सोमवार रात लूटपाट और महिलाओं से दुष्कर्म करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को पकड़ा है, जबकि तीन फरार हो गए। इस गिरोह के बदमाशों ने ही कासगंज और मैनपुरी से महिलाओं को अगवा कर लूटपाट के बाद उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
चार जुलाई की रात कासगंज के कोतवाली क्षेत्र से एक महिला को अगवा कर कार सवारों ने दुष्कर्म किया था। इसके अगले ही दिन मैनपुरी में भी ऐसी ही वारदात हुई। यहां पति के सामने ही कार सवार पत्नी को उठा ले गए और चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म किया गया था।
मैनपुरी की घटना में तो पुलिस ने पीड़ित की मदद करने की बजाय उसको थाने लेकर जाकर पीटा। मामला तूल पकड़ा तो तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इन घटनाओं से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ था। बात लखनऊ तक पहुंची तो पुलिस हरकत में आई।
वारदात की योजना बनाते वक्त हुए गिरफ्तार
आसपास के जनपदों में बदमाशों की तलाश में पुलिस लग गई। इसी कड़ी में एटा जनपद की पिलुआ थाना पुलिस और स्वाट टीम ने मुठभेड़ के बाद निर्माणाधीन मकान में लूट की योजना बनाते दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, वहीं मौक से तीन बदमाश फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना अनिल पुत्र नरेंद्र गांव गोकुलपुर, थाना पिलुआ व शैलेन्द्र यादव पुत्र अभिलाख निवासी सकीट को कार सहित गिरफ्तार किया है। फरार बदमाशों में लालू उर्फ सतेंद्र पुत्र लेखपाल निवासी थाना औंछा मैनपुरी, मुकेश यादव पुत्र प्रेमपाल निवासी पिलुआ एटा और रामौतार शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार सरगना अनिल, शैलेंद्र और फरार हुआ बदमाश लालू मैनपुरी की घटना में शामिल था। इन लोगों ने बाइक सवार दंपति को ओवरटेक करके रोका था। इसके बाद तमंचे के बल पर महिला को कार में डालकर ले गए थे। लूट के बाद महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया।
वहीं कासगंज की सामूहिक दुष्कर्म की घटना में सरगना अनिल के साथ मुकेश और रामौतार शामिल थे। पूछताछ में बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वो गिरोह बनाकर इस तरह की कई वारदात को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों बदमाशों को जेल भेज दिया है, वहीं फरार बदमाशों की तलाश में जुटी गई है।