जीटी एक्सप्रेस में मुरैना स्टेशन के आउटर पर दुस्साहसिक वारदात
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जीटी एक्सप्रेस में परिवार के साथ सफर कर रही गुंटूर की युवती महबून्निसा (30) का पर्स बदमाश ने छीन लिया तो वह साहस दिखाते हुए उससे भिड़ गई। वह कोच से भागने लगा तो उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया और हाथापाई करने लगी। लेकिन इसी बीच उसका संतुलन बिगड़ा और ट्रेन से गिर गई। ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। जबकि बदमाश कोच से कूदकर भाग निकला। ट्रेन के आगरा कैंट पर रुकने पर परिवारीजनों ने जीआरपी आगरा कैंट थाना में मुकदमा दर्ज कराया है।
आंध्रप्रदेश के गुंटूर जिले के शेख मोहम्मद साहिब बेटी महबून्निसां के साथ अजमेर शरीफ जाने के लिए जीटी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। उन्हें आगरा से ट्रेन बदलनी थी। रविवार की रात को ट्रेन के मुरैना स्टेशन से चलने के बाद महबून्निसां अपनी गोद में 10 माह की बेटी को लिए हुए खिड़की के पास खड़ी थी।
इसी दौरान कोच में एक बदमाश ने उससे पर्स छीन लिया। इस पर महबून्निसां बेटी को पिता को देने के बाद बदमाश के पीछे दौड़ने लगी। उसने कोच के गेट पर बदमाश को पकड़ लिया और उससे भिड़ गई। हाथापाई और खींचतान के दौरान महबून्निसां ट्रेन से गिर गई। ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। उधर, बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकला।
घटना की जानकारी पर रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जीआरपी कंट्रोल रूम ने आगरा कैंट जीआरपी को सूचना दी गई। ट्रेन रात करीब एक बजे आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंची तो कैंट जीआरपी ने शव को कब्जे में ले लिया।
पिता ने इस संबंध में बदमाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जीआरपी कैंट प्रभारी मणिकांत शर्मा ने बताया कि निल पर मुकदमा दर्ज करके जीआरपी मुरैना को भेजा गया है। मुरैना से जीआरपी की टीम ने आगरा आकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बेटी को न बचा सका बेबस पिता
शेख मोहम्मद के सामने बेटी महबून्निसां बदमाश से जूझ रही थी। वह उसकी मदद करना चाहते थे लेकिन बेबस थे। वह दिव्यांग हैं। उनका एक पैर खराब है। इसके चलते चाहकर भी बेटी को बचा नहीं पाए। उन्होंने कोशिश तो की लेकिन गेट तक न पहुंच गई। बेटी उनके सामने ही ट्रेन से गिर गई।