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पटरी से उतरी मालगाड़ी, दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग ठप

Wed, 28 Sep 2016 01:04 AM IST
पटरी से उतरी मालगाड़ी, दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग ठप
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पटरी से उतरी मालगाड़ी, दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग ठप - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दिल्ली-कानपुर रेलवे ट्रैक पर बरहन जंक्शन पर मंगलवार सुबह 6:27 बजे मालगाड़ी के आखिरी चार वैगन पटरी से उतर गए। इससे अप-डाउन ट्रैक पूरी तरह से ठप हो गया। रेल हादसे के चलते कई ट्रेनों को टूंडला आगरा दिल्ली ट्रैक से गुजारा गया तो कई ट्रेन मुरादाबाद से कानपुर होकर निकाली गईं।
मंगलवार सुबह तेज रफ्तार डीएन-28 मालगाड़ी गाजियाबाद से टूंडला की ओर आ रही थी। बरहन स्टेशन पर पहुंचते ही मालगाड़ी के पिछले चार वैगन पटरी से उतर गए। हादसे में ओएचई का खंभा और तार भी टूट गए। टूंडला कंट्रोल रूम ने ओएचई बंद कराई। इससे दिल्ली-कानपुर रेलवे ट्रैक पर अप-डाउन का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। बरहन स्टेशन पर हादसे के ढाई घंटे बाद टूंडला से दुर्घटना राहत ट्रेन पहुंच सकी। मालगाड़ी डिरेल होने से एक दर्जन से ज्यादा ट्रेन रूट बदलकर चलाई गईं। कुछ ट्रेन रद्द की गईं, जिससे हजारों रेल यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
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आगरा होकर दिल्ली तक पहुंची यह ट्रेन
दिल्ली की ओर जाने वाली डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सिलायदाह-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रांची-नई दिल्ली गरीब रथ, मड़वाड़ी एक्सप्रेस, कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों को टूंडला से वाया आगरा, पलवल होकर दिल्ली तक भेजा गया।

दिल्ली-आगरा-टूंडला ट्रैक से चलाई ये ट्रेन
महानंदा एक्सप्रेस, कालका मेल, नार्थ ईस्ट, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, हावड़ा नई दिल्ली दूरंतो, नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, नई दिल्ली-राजेंद्र नगर संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और शिवगंगा एक्सप्रेस को दिल्ली से आगरा के रास्ते टूंडला ट्रैक होकर गुजारा गया। भागलपुर एक्सप्रेस व लिच्छवी एक्सप्रेस को फुटबैक करके चलाया गया।

दिल्ली से वाया मुरादाबाद होकर जाने वाली ट्रेनें-
नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस, मूरी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस आदि को खुर्जा वाया मुरादाबाद होकर कानपुर ले जाया गया। गोमती एक्सप्रेस, नई दिल्ली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, नई दिल्ली पटना राजधानी एक्सप्रेस, जोगवनी एक्सप्रेस को गाजियाबाद, मुरादाबाद से कानपुर होकर चलाया गया।

गार्ड ने कूदकर बचाई जान
 टूंडला (ब्यूरो)। बरहन स्टेशन पर हुए रेल हादसे के दौरान ट्रेन के गार्ड आरसी मौर्य घबरा गए। उन्होंने हादसा भांपते हुए छलांग लगा दी। मामूली चुटैल हुए गार्ड मौर्य ने बताया कि चलती ट्रेन की बोगियां के गिरने के साथ ही उन्होंने छलांग लगा दी। ट्रेन डिरेल होकर रुक गई, नहीं तो उनकी ब्रेक गार्ड बोगी भी पटरी से उतर जाती और वो भी हादसे का शिकार हो जाते।
तो होता गंभीर हादसा
टूंडला (ब्यूरो)। मंगलवार सुबह जिस वक्त हादसा हुआ बरहन स्टेशन पर यात्रियों का अधिक जमावड़ा नहीं था। अगर यही हादसा करीब 18 मिनट बाद होता तो गंभीर होता। इस दौरान टूंडला से चलकर नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के लिए स्टेशन पर भारी भीड़ रहती है। भीड़ के चलते रेलयात्री प्लेटफार्म पर ही नहीं रेल लाइन किनारे खड़े होकर ट्रेन में सवार होते हैं। ऐसे में बड़ा हादसा हो जाता। 

12:30 घंटे बाद चालू हो पाया अप ट्रैक
आगरा/बरहन। दिल्ली-कानपुर रेल लाइन पर बरहन जंक्शन पर मालगाड़ी डिरेल होने के बाद रेलवे पांच घंटे बाद लूप लाइन चालू कर सका तो वहीं अप ट्रैक शाम सात बजे यानी पूरे 12:30 घंटे के बाद शुरू कर सका। डाउन ट्रैक रात 10 बजे ही क्लियर हो पाया। रेलवे अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि पौने तीन घंटे बाद बरहन जंक्शन पर राहत कार्य शुरू हो सका। ढाई घंटे बाद तो टूंडला से रिलीफ वैन बरहन पहुंच पाई, जबकि 15 मिनट की भी दूरी नहीं है। 
सुबह 6:27 पर बरहन जंक्शन पर मालगाड़ी के पटरी से उतरने के बाद 9:05 पर टूंडला से रेल दुर्घटना वाहन घटनास्थल पर पहुंच सका। टीएक्सआर स्टाफ ने उसके बाद ट्रैक साफ करने का काम शुरू किया। रेलवे की इस देरी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सुबह हादसे के बाद 59 डिब्बों की इस मालगाड़ी के 52 डिब्बों को टूंडला रवाना कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक हादसे के समय ट्रेन 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। 

चिंगारी निकलने के बाद डिरेल हुई ट्रेन
बरहन। मालगाड़ी डिरेल होने के कारणों की तो जांच हो रही है, लेकिन रेलवे प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गेट नंबर 79 से सौ मीटर पहले पटरी बदलने की जगह पर मोटर बाक्स से डिब्बे में से लोहे का बड़ा टुकड़ा निकल स्लीपर से टकराया था। उसमें से चिंगारी निकली और डिब्बे अनियंत्रित होकर पलट गए।

कई पैसेंजर ट्रेनें निरस्त  
बरहन जंक्शन पर स्टापेज वाली कई पैसेंजर ट्रेन निरस्त कर दी गईं। सुबह 7:50 पर टूंडला से दिल्ली जाने वाली टीएडी, ईएमयू के अलावा एटा से चलकर टूंडला जाने वाली एटा पैसेंजर ट्रेन निरस्त कर दी गईं। एटा से आ रही पैसेंजर ट्रेन को जलेसर सिटी से वापस एटा भेज दिया गया, वहीं, टीएडी को मितावली स्टेशन से वापस टूंडला भेज दिया गया। 
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बरहन जंक्शन पर एक प्वाइंट पर ही तीन एक्सीडेंट
बरहन में अब तक तीन रेल दुर्घटनाएं हुई हैं, लेकिन तीनों ही मालगाड़ियों की है। तीनों दुर्घटनाएं प्वाइंट नंबर 79 के पास हुई हैं। बरहन निवासी संजय सिंह, प्रियेश जैन के मुताबिक 1988 में मालगाड़ी के डिब्बे इसी प्वाइंट पर उतरे थे तो 25 दिसंबर 1989 को भी मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसके डिब्बे पटरी से उतरकर किनारे बसे लोगों के मकानों के सामने गिरे थे। तब भी प्वाइंट यही था। 
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