एमएम गेट के रहने वाले 13 और 14 साल के दो दोस्तों ने शुक्रवार सुबह अपने अपहरण का नाटक रच पुलिस के होश उड़ा दिए। दोनों सुबह आगरा कालेज ग्राउंड पर क्रिकेट खेलने गए थे। आठ बजे एक ने घर फोन किया, हमारा अपहरण हो गया, बदमाश हमें ट्रक से ले जा रहे हैं। इसके बाद 100 नंबर पर कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस में हड़कंप मच गया, लेकिन चार घंटे बाद ही दोनों लौट आए। थोड़ी देर की पूछताछ में नाटक से पर्दा उठ गया।
दोनों के पिता की हलवाई की दुकान है। घर भी आमने-सामने हैं। दोनों कक्षा नौ में है। एक सेंट पॉल स्कूल में तो दूसरा एमडी जैन इंटर कालेज में। 14 साल वाले को मथुरा में अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलने के लिए जाना था। वह दोस्त को लेकर स्कूटी से सुबह सात बजे चल दिया। पुलिस ने उनसे हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि दोनों जब फरह पहुंचे, तो स्कूटी खराब हो गई। पेट्रोल भी खत्म हो गया था। आसपास न पेट्रोल पंप था और न ही मैकेनिक। इसके चलते देर हो गई। उसे डर सताने लगा कि देर से घर जाएंगे तो पोल खुल जाएगी। इसके चलते उसने फोन करके अपने अपहरण की बात बताई। उसने कहा कि बदमाश उन्हें दिव्य नर्सिंग होम के सामने से ले जा रहे हैं। चार थानों की पुलिस उनकी तलाश में लगी। सीओ हरीपर्वत अनुराग वत्स भी पहुंच गए।
पुलिस ने आगरा कालेज के चौकीदार को उनके फोटो दिखाकर पूछा तो उसने कहा कि आज ये दोनों खेलने नहीं आए। दोपहर एक बजे दोनों घर लौट आए। पहले तो अपहरण की कहानी बनाते रहे लेकिन जब 13 साल वाले से सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने सच बयां कर दिया। एसपी सिटी सुशील घुले ने बताया कि दोनों ने अपहरण का नाटक रचा था।
सीरियल से आया मोबाइल फेंकने का आइडिया
आगरा। 14 साल उम्र के किशोर ने बताया कि उसने सीआईडी सीरियल में देखा था कि मोबाइल फोन से पुलिस लोकेशन मालूम कर लेती है। इसके बाद उस तक पहुंच जाती है। इसलिए मोबाइल फोन स्विच आफ करके फेंक दिया था।