मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा में चूक पर अछनेरा थाना के प्रभारी निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, सैंया थाना के एसओ नीरज शर्मा और छलेसर चौकी इंचार्ज योगेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। अभी और भी पुलिसकर्मियों पर गाज गिरना तय है। इनकी लापरवाही भी सामने आ चुकी है लेकिन ये बाहर के जनपदों के हैं। इनके बारे में जांच रिपोर्ट देने के लिए एसपी क्राइम आनन्द कुमार और एसपी पूर्वी रमेश चंद गुप्ता से कहा गया है। उधर शासन अपने स्तर से भी मामले की गोपनीय जांच करा रहा है।
बता दें, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को आगरा में थे। उन्होंने इनर रिंग रोड का उद्घाटन किया था। इसके बाद नवनिर्मित साइकिल ट्रैक पर चार किलोमीटर साइकिल चलाई थी। दोनों जगह उनकी सुरक्षा में भारी चूक सामने आई थी। भीड़ के चलते सुरक्षा व्यवस्था तार तार हो गई थी। लोग सीएम के बेहद नजदीक पहुंच गए थे। उनके बीच धक्का मुक्की भी हो गई थी। पुलिसवालों के बैज तक टूट गए थे।
इस चूक को शासन ने गंभीरता से लिया। इसकेबाद आनन फानन में एसपी प्रोटोकोल विद्या सागर मिश्र से जांच कराई गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने एक्शन लिया है। छलेसर चौकी इंचार्ज योगेश कुमार की ड्यूटी इनर रिंग रोड टोल प्लाजा पर थी जबकि इंस्पेक्टर अछनेरा राघवेन्द्र सिंह और एसओ सैंया नीरज शर्मा साइकिल ट्रैक पर तैनात किए गए थे। इनके साथ बाहर के जनपदों से आई फोर्स तैनात थी। उनकी भी लापरवाही सामने आ चुकी है। उनके बारे में जांच कर रिपोर्ट देने के लिए एसपी क्राइम और एसपी पूर्वी को निर्देश दिए गए हैं।
शासन ने भी बिठा दी जांच, अफसरों पर गिर सकती है गाज
सीएम अखिलेश यादव की सुरक्षा में की गई चूक को शासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। गोपनीय जांच शुरू करा दी गई है। इसमें मालूम किया जा रहा है कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाई या नहीं। लापरवाही पर एलआईयू से भी जवाब तलब किया जा सकता है।
इस मामले में अब दो जांच चल रही हैं। एक तो एसएसपी करा रहे हैं। इसमें इनर रिंग रोड और साइकिल ट्रैक पर तैनात किए गए पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी की जा रही है। तीन सस्पेंड कर दिए गए हैं। जो बाहर के जनपद से आए थे, उन पर कार्रवाई अगली रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दूसरी जांच शासन करा रहा है।
इसमें मालूम किया जा रहा है कि अधिकारियों ने सीएम के आने से पूर्व खुद कितनी बार मुआयना किया। ड्यूटी किस आधार पर लगाई गई। भीड़ के आने के बारे में कोई खुफिया रिपोर्ट थी या नहीं। अगर थी तो उस पर क्या अमल हुआ। यह जांच अधिकारियों को भारी पड़ सकती है। इनर रिंग रोड टोल प्लाजा पर तो भीड़ को रोकने के लिए रस्सी लगाई गई थी। पुलिस अधिकारी आखिर तक हरकत में नहीं आए। व्यवस्था दरोगा और सिपाहियों के भरोसे रही। इसी के चलते इतना हंगामा हुआ और सुरक्षा में चूक हो गई। साइकिल ट्रैक पर तो अव्यवस्था का यह आलम था कि सीएम के बेटे अर्जुन की साइकिल चलाने की ख्वाहिश ही टूट गई।
उन्होंने धक्का मुक्की देख साइकिल न चलाने का निर्णय लिया। वह पिता के साथ साइकिल चलाना चाहते थे। उन्होंने साइकिल ट्रैक पर थोड़ा आगे जाकर साइकिल चलाई।
अफसरों ने पुलिस को अलर्ट नहीं किया
आगरा। सीएम की सुरक्षा में चूक की सबसे बड़ी वजह पुलिस का पहले से चौकन्ना न होना माना जा रहा है। इनर रिंग रोड और साइकिल ट्रैक पर लगाए गए पुलिसकर्मी सीएम की फ्लीट आने तक आराम से बैठे रहे। उन्हें अफसरों ने भी अलर्ट नहीं किया। जैसे ही सीएम की फ्लीट आए, आस पास खड़े लोग उनके नजदीक आ गए। हर कोई उनके बेहद करीब आने को बेताब था। सुरक्षा घेरा कमजोर था, भीड़ के दबाव से टूट गया। इस पर सीएम ने डीएम और एसएसपी पर नाराजगी भी जाहिर की थी।