मैनपुरी में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एसओजी सहित पुलिस की चार टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। वहीं पीड़ित पति की मदद की जगह उसके साथ मारपीट करने वाले इंस्पेक्टर और दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।
शुक्रवार रात तीन युवकों ने महिला का अपहरण करके चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़ित के पति ने पुलिस से शिकायत की तो बिछवां थानाध्यक्ष राजेश पाल सिंह ने मदद की जगह उसको ही थाने ले जाकर पीटा।
मारपीट के आरोप में शनिवार को इंस्पेक्टर को ही एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। शनिवार रात आईजी आगरा ए गणेश ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। साथ ही एसपी अजय शंकर राय से पूरे मामले की जानकारी ली।
आईजी के निर्देश पर रविवार को इंस्पेक्टर राजेश पाल सिंह, हमराह सिपाही कृष्णवीर सिंह और छत्रपति सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को चिह्नित भी किया है।
मेडिकल में नहीं हुई दुष्कर्म की पुष्टि
महिला ने कार सवार तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पति की तहरीर पर कुरावली पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण और लूट की धाराओं में रिपोर्ट भी दर्ज की है, लेकिन पुलिस की ओर से कराए गए मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।
महिला की मांग पर सोमवार को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पैनल से दोबारा मेडिकल कराया जाएगा। घटना के संबंध में एएसपी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी है।